
गैंग रेप पीड़िता ने खाया जहर, परिजनों ने नाजुक हालत में अस्पताल में किया भर्ती, आरोपी फरार
AajTak
मांगलियावास थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़की के साथ गैंग रेप. पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा में दर्ज किया केस. आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. लड़की की हालत नाजुक है, लिहाजा पुलिस अभी तक उसके बयान भी नहीं ले पाई है.
राजस्थान के अजमेर में नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार 15 वर्षीय गैंगरेप पीड़िता ने आरोपियों की धमकी से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया. परिजनों ने पीड़िता को ब्यावर अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
परिजनों की शिकायत पर मांगलियावास थाना पुलिस ने गैंगरेप सहित अन्य धाराओं में भी प्रकरण दर्ज किया है. अजमेर ग्रामीण सीओ मनीष बडगूजर मामले की जांच कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि परिजनों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है.
शौच के लिए जंगल जा रही थी नाबालिग
उन्होंने बताया कि परिजनों का आरोप है कि 27 दिसंबर को नाबालिग शौच करने जंगल गई थी. इस दौरान दो आरोपियों ने पीड़िता का मुंह कपड़े से बांध कर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया. इसके बाद पीड़िता को डरा धमका कर जंगल में ही छोड़कर आरोपी फरार हो गए.
पीड़िता ने घर पहुंचकर आरोपियों की दरिंदगी के बारे में परिजनों को बताया. इस घटना से आहत गैंग रेप पीड़िता ने जहरीला पदार्थ खा लिया. उसके बेहोश होने पर परिजन उसे लेकर ब्यावर अमृत कौर अस्पताल पहुंचे.
दोषियों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









