
गुजरात सरकार का अहम फैसला, अब शनिवार को स्कूल में नहीं ले जाना होगा बैग!
AajTak
Gujarat Schools New Rules: गुजरात सरकार ने प्राइमेरी स्कूलों को लेकर अहम फैसला किया है. नए नियमों के अनुसार, अब हर शनिवार को प्राइमेरी स्कूलों में बैगलेस डे मनाया जाएगा.
गुजरात सरकार ने प्राइमेरी स्कूलों के बच्चों के लिए अहम फैसला लिया है. सरकार के नए फैसले के तहत अब प्राइमेरी कक्षा के बच्चों को हर शनिवार बिना स्कूल बैग के स्कूल जाना होगा. ये फैसला कक्षा 1 से कक्षा 8 के बच्चों के लिए हैं और सरकारी-अनुदानित स्कूलों में फैसला लागू किया जाएगा. यानी बच्चों के लिए शनिवार को बेगलेस डे होगा, जिसमें पढाई की जगह फिजिकल एक्टिविटी करवाई जाएंगी.
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को सूचना दी है कि बेगलेस डे के दिन पढाई के अलावा फिजिकल एक्टिविटी करवाई जाएंगी, जिनमें योग, मास ड्रिल, कल्चरल एक्टिविटी, गेम्स, प्रोजेक्ट, म्यूजिक, पेंटिंग, टूरिज्म आदि शामिल है.
शारीरिक विकास के लिए लिया गया फैसला
सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है. दरअसल, समय के साथ बच्चे अब मोबाइल का ज्यादा उपयोग करने लगे हैं, जिसकी वजह से उनके मानसिक, सामाजिक और शारीरिक विकास पर असर होता है.
शनिवार को स्कूलों में क्या होगा?
ऐसे में अब स्कूलों में ही उनके लिए हफ्ते में एक दिन ऐसा रहेगा जब पढाई के अलावा दूसरी एक्टिविटी करवाई जाएंगी, जो शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अहम रहेगी. स्कूलों को मास ड्रिल और योग जैसी शारीरिक गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान देने को कहा गया है ताकि बच्चों को मोटापे से बचाया जा सके.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.

Nikon Z5II review: एक कैमरा खरीदना चाहते हैं और अभी कैमरा यूज में प्रो नहीं हैं, तो आपको कम बजट वाला एक ऑप्शन चुनना चाहिए. ऐसे ही एक कैमरे को हमने पिछले दिनों इस्तेमाल किया है, जो शुरुआती बजट में आता है. इसका इस्तेमाल आप फोटो और वीडियो दोनों ही काम में कर सकते हैं. आइए जानते हैं Nikon Z5II की खास बातें.










