
गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नकली क्लासरूम’ के दौरे पर विपक्ष ने सवाल उठाए
The Wire
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गांधीनगर ज़िले में ‘मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की थी, जहां की तस्वीरों में वे एक कक्षा में बैठे नज़र आ रहे हैं. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने कक्षा के आकार, खिड़की के स्थान पर पेंटिग की ओर इशारा करते हुए इसे 'नकली क्लासरूम' बताया है.
नई दिल्ली/गिर सोमनाथ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गांधीनगर जिले के अडलाज शहर में ‘मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ पहल की शुरुआत की और इस दौरान उन्होंने एक स्कूल का दौरा किया. खबरों और सोशल मीडिया सामने आई तस्वीरों में प्रधानमंत्री को कक्षा में एक बेंच पर बैठ कर छात्रों के साथ बातचीत करते हुए देखा जा सकता है. Gujarat | Prime Minister Narendra Modi to launch the Mission School of Excellence in Adalaj, Gandhinagar shortly. pic.twitter.com/TiOpbGUy1X ये स्कूल की क्लास नहीं दिख रही ,शूटिंग के लिए बनाया नक़ली क्लास रूम है। केवल 5 बच्चों का क्लास रूम 🤔 https://t.co/emxY4MJYRV फोटो खिंचाने के लिये बच्चे को ठगते हो, पाप लगेगा पाप। बच्चे ईश्वर का रूप होते है। नक़ली क्लासरूम, प्रिंट किया हुआ खिड़की लगा दिया, इतना भी फ़ेक नहीं दिखाना था विद्या के मंदिर में की लोगो का भरोसा ही उठ जाये। जाओ BJP वालो यह तुमसे नहीं होगा। तुम हिंदू-मुस्लिम करो। शर्मनाक है ये। pic.twitter.com/YpLJ895s9Q 27 साल में भाजपा गुजरात में एक ऐसा स्कूल नहीं बना पाई जहां मोदी जी का फोटोशूट हो सके…उसके लिए भी फोटोशॉप/ फ्लैक्स का इस्तेमाल करना पड़ रहा है…ये तो बहुत ही निंदनीय है। साहब की शूटिंग के लिए कल स्कूल का सेट लगाया गया था! गुजरात की जनता के साथ इतना बड़ा धोखा फ़ोटो खिंचाने के लिये प्रधानमंत्री जी ने टेंट वाला स्कूल बना दिया फिर स्कूल ही उखाड़ कर ले गये।फ़र्जिफ़िकेशन की सीमा पार। https://t.co/87ksIXbrwM
— ANI (@ANI) October 19, 2022 खिड़की नहीं है पेंटिंग है।क्लास में डेस्क की एक ही क़तार है । दीवारें नक़ली हैं । बच्चों की ड्रेस और जूते नए दिख रहे है । pic.twitter.com/vHYFuAozYK — Sujit Kumar Tripathi (@SujitKTripathi) October 20, 2022 — Naresh Balyan (@AAPNareshBalyan) October 19, 2022 शिक्षा के मंदिर को नकल का मंदिर बना दिया 🤦♀️#GUJRAT#GujratModel pic.twitter.com/wQ0wHMeaWO सस्ते सीरियल भी इतने नकली नहीं होते हैं जितने मोदी के न्यूज़ शूट्स होते हैं। — Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) October 20, 2022
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 19, 2022 — Rashtriya Lok Dal (@RLDparty) October 20, 2022 27 साल में गुजरात में भाजपा एक भी स्कूल नहीं बना पाई जो शूटिंग के काबिल होता। तो मजबूरी में फर्जी स्कूल बनाना पड़ा! pic.twitter.com/fAqEXCOjUK
इसके बाद आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस के नेताओं समेत कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात की तरफ ध्यान दिलाया कि जिस कक्षा में प्रधानमंत्री मोदी बैठे हैं, वो किसी स्कूल की कक्षा जैसी नहीं दिख रही है, बल्कि ‘नकली’ क्लासरूम का सेटअप है. — Chandan Yadav (@chandanjnu) October 20, 2022

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बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

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