
गाजा में स्कूल-अस्पताल पर IDF का भीषण हवाई हमला, 24 घंटे में 47 लोगों की मौत
AajTak
इजरायल ने मध्य गाजा के अल-अक्सा अस्पताल पर सात महीने में आठवीं बार बमबारी की है. इसमें कम से कम तीन फिलिस्तीनी मारे गए हैं. वहीं एक पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया है. इस तरह बीते 24 घंटे में 47 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं.
इजरायल ने एक बार फिर बेकसूर फिलिस्तीनियों पर कहर ढा दिया है. सात महीने में आठवीं बार इजरायल ने मध्य गाजा के अल-अक्सा अस्पताल पर बमबारी की है. इस हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए, जबकि एक स्थानीय पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया. इस तरह बीते 24 घंटे में 47 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं.
गाजा के दीर अल बलाह में मौजूद अल-अक्सा अस्पताल की आपातकालीन इमारत के बाहर हुए इस हमले के बाद लोग दहशत के मारे इधर-उधर भागते दिखे, वहीं इस दौरान इजरायली हेलीकॉप्टर ऊपर से गोलीबारी करता नजर आया. इजरायली सेना के विमान ने यहां विस्थापित लोगों को शरण देने वाले एक तंबू को भी निशाना बनाया. इसमें दो फिलिस्तीनी मारे गए हैं.
इस हमले के बाद इजरायली सेना ने एक बयान जारी कर बताया है कि अस्पलात परिसर में हमास के लड़ाके छिपे हुए थे. उनको निशाना बनाकर हमला किया गया है. वहीं फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय कहना है कि अस्पतला परिसर में हमास का कोई लड़ाका नहीं था. हमले के दौरान मरीज और अस्पताल में शरण लिए हुए लोग ही थे. इन लोगों को ही इजरायल ने निशाना बनाया.
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजरायल ने शनिवार को दीर अल बलाह के साथ-साथ गाजा पट्टी के कई और इलाकों में भी हमले किए जिसमें 44 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जबकि 81 घायल हो गए. इजरायल और हमास के बीच संघर्ष को एक साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन गाजा पट्टी में इजरायली बमबारी थमने का नाम नहीं ले रहा.
शुक्रवार को भी इजरायली विमानों ने गाजा पट्टी के अलग-अलग इलाकों में हवाई हमले किए. इसमें 39 फिलिस्तीनी मारे गए, जबकि 123 घायल हो गए. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक गाजा सिटी में फहद अल-सबा नाम के स्कूल पर हुए हवाई हमले में पांच फिलिस्तीनियों की मौत हुई. वहीं खान यूनिस के शरणार्थी कैंप पर हुए हमले में तीन लोगों की जान चली गई.
गाजा में पिछले एक साल से जारी सैन्य कार्रवाई के बीच यूएन ने उत्तरी गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों आकाल पड़ने की बात कही है. बता दें कि इजरायल ना सिर्फ गाजा में बम बरसा रहा है, बल्कि पूरे इलाके की घेराबंदी भी कर रखा है. इसकी वजह से यहां पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही. ऐसे में फिलिस्तीनी दाने-दाने का मोहताज है. लोग भूखे मर रहे हैं.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










