
गाजा में रातभर इजरायल ने गिराए बम, दागी मिसाइलें... अस्पताल-रिफ्यूजी कैम्प पर हमलों में 100 से ज्यादा की मौत
AajTak
गाजा में शनिवार रात से रविवार तक इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 103 लोगों की मौत हो गई है. अस्पताल समेत विभिन्न स्थानों पर हुए हमलों में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं प्रभावित हुई हैं. अस्पतालों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे मेडिकल सुविधाएं बाधित हो रही हैं.
गाजा में इजरायली हवाई हमलों में शनिवार की रात से रविवार तक कम से कम 103 लोगों की मौत हो गई. गाजा के स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि कई हमलों में न सिर्फ आम नागरिकों की मौत हुई, बल्कि अस्पतालों को भी भारी नुकसान हुआ है, जहां पहले से ही स्ट्राइक की मार झेल रहे लोगों का इलाज चल रहा है.
गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में हुए हवाई हमलों में 48 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जिनमें 18 बच्चे और 13 महिलाएं शामिल हैं. नासिर अस्पताल के मुताबिक, कई हमलों ने विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए रिफ्यूजी कैम्प्स को भी निशाना बनाया गया.
यह भी पढ़ें: गाजा में इजरायल का भीषण हमला, 24 घंटे में 150 लोगों की मौत, सीजफायर पर बातचीत के लिए हमास तैयार
जबालिया रिफ्यूजी कैम्प पर भी हमला
नॉर्थ गाजा के जबालिया रिफ्यूजी कैम्प में हुए हमलों में एक ही परिवार के 9 सदस्यों की मौत हुई, जबकि एक अन्य हमले में 10 लोग मारे गए जिनमें 7 बच्चे और एक महिला शामिल हैं. एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, यह जानकारी गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय सिविल डिफेंस ने दी है.
इजरायली हमलों की वजब से बंद हो रहे अस्पताल

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










