
गाजा में मोबाइल फ़ोन का कुछ दूसरा ही इस्तेमाल कर रहे हैं डॉक्टर्स.. चौंका देगा VIDEO
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Israel Hamas War : गाजा में कई अस्पताल बिना बिजली के काम कर रहे हैं, जिससे वहां काम करने वाले डॉक्टर्स को मोबाइल की लाइट पर निर्भर रहना पड़ रहा है. नसीर हॉस्पिटल के आपातकालीन निदेशक डॉ. कंदील ने कहा कि हमारे सामने रिसोर्स की कमी है जिससे हम अधिक लोगों की जान नहीं बचा सकते.
युद्ध भले ही दो मुल्कों के बीच हो, लेकिन इसकी कीमत क्या है? आम लोगों से बेहतर शायद ही इस सवाल का कोई जवाब दे पाए. Israel Hamas War को देखें तो यहां भी सब से ज्यादा प्रभावित वो आम आवाम है, जिसे इस युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. हमास के हमले के बाद से, इजरायल ने गाजा की घेराबंदी कर ईंधन, भोजन, सामान और पानी की आपूर्ति में कटौती कर दी है. गाजा के एकमात्र बिजली स्टेशन में ईंधन खत्म हो जाने के बाद बिजली गुल हो गई है. ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा परेशान वो डॉक्टर्स हैं. जिनके पास लाशों के ढेर के अलावा गंभीर रूप से घायलों का अंबार अलग हुआ है.
डॉक्टर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिना बिजली के घायलों का इलाज करना है. स्थिति वाकई बहुत दयनीय है और इससे निपटने के लिए गाजा के डॉक्टर्स मोबाइल फोन का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. इंटरनेट पर तमाम वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई हैं जिनमें मोबाइल फ़ोन से टॉर्च जलाकर गाजा के डॉक्टर्स घायलों का इलाज कर रहे हैं.
गाजा में डॉक्टर्स मरीजों की जान बचाने में इसलिए असमर्थ हैं क्योंकि उनके पास रिसोर्स नहीं हैं. गाजा पट्टी के हालात बताते हुए नसीर हॉस्पिटल के इमरजेंसी डायरेक्टर मुहम्मद कंदील ने कहा है कि आज युद्ध का 12 वां दिन हैं और हम बहुत मुश्किल स्थिति में हैं. उन्होंने ये भी कहा कि यह विनाशकारी है और बेहद डरावना है जिसे किसी भी तरह के शब्दों में परिभाषित नहीं किया जा सकता.
डॉक्टर कंदील के अनुसार पिछले कुछ दिनों से हम इस विषय में तमाम लोगों और संगठनों से बात कर रहे हैं हम उन्हें अवगत करा चुके हैं कि न तो हमारे पास बिजली है और न ही जेनेरेटर चलाने के लिए ईंधन. ऐसी स्थिति में वार्डस में डॉक्टर्स मोबाइल टॉर्च की रौशनी में ऑपरेशन करने पर मजबूर हैं.
वीडियो में दिख रहा है कि मोबाइल से निकलती लाइट की रौशनी में डॉक्टर्स घायल मरीजों के जख्मों पर टांके लगा रहे हैं. गाजा के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल नसीर हॉस्पिटल में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर्स बिजली बचा रहे हैं. अस्पताल में ज्यादातर लाइट्स ऑफ हैं और जेनेरेटर के लिए ईंधन का इंतजाम किया जा रहा है.
डॉक्टर कंदील के अनुसार हम मोबाइल लाइट में काम कर रहे हैं और हमारे पास कोई भी आईसीयू बेड नहीं हैं. नसीर हॉस्पिटल की हालत कैसी हैं इसका अंदाजा डॉक्टर कंदील की उस बात से भी लगाया जा सकता है जिसमें उन्होंने बताया है कि आईसीयू बेड्स के अलावा अस्पताल वेंटिलेटर की कमी का भी सामना कर रहा है.

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