
गहलोत के पुराना बजट भाषण पढ़ने पर PM मोदी का तंज, सुनाया 40 साल पहले का मजेदार किस्सा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राजस्थान के दौसा पहुंचे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का उद्घाटन किया, उसके बाद जनसभा को संबोधित किया. पीएम ने कहा कि राजस्थान की ये धरती शूरवीरों की धरती है. यहां बच्चे-बच्चे का सपना रहा है कि भारत दुनिया में किसी से भी कम न हो. आपके इसी सपने को पूरा करने के लिए अब भारत ने विकसित बनने का संकल्प लिया है.
राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, उससे पहले बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. यही वजह है 15 दिन में दूसरी बार राजस्थान दौरे पर पहुंचे और कांग्रेस की अशोक गहलोत पर पूरी तरह हमलावर रहे. पीएम ने सबसे पहले सरकारी कार्यक्रम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले फेज का उद्घाटन किया. उसके बाद पब्लिक मीटिंग की और राजस्थान में विकास कार्यों से लेकर कानून व्यवस्था तक पर घेरा. मोदी ने 3 दिन पहले सीएम अशोक गहलोत के पुराना बजट भाषण पढ़ने पर तंज कसा और 40 साल पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में काम करने के दौरान का एक पुराना किस्सा भी सुनाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान में पिछले दिनों बजट सत्र में जो हुआ, उसकी चर्चा चारों तरफ है. मुझे 40 साल पहले की एक घटना याद आती है. तब राजनीति में नहीं था. राष्ट्रीय स्वयंक संघ में काम करता था. आमतौर पर संघ परिवारों में भोजन करने जाते थे. एक दिन काम करके लौटा तो एक साथी ने कहा कि भोजन का क्या प्रबंध है. इस पर मैंने कहा कि प्रवास से लौट रहा हूं. स्नान करना बाकी है. इस पर उन्होंने कहा कि एक स्वयंसेवक साथी के घर में शादी का निमंत्रण है, वहां चलिए और भोजन करिए. वे मुझे स्वयंसेवक के घर लेकर गए. जिनके घर शादी थी, वो दर्जी थे और घर के बाहर अपना काम कर रहे थे. मैंने उनको नमस्कार किया और देखा कि वहां शादी का माहौल नहीं है.
'निमंत्रण में पहुंचे और बिना खाना खाए लौटे'
मोदी ने आगे कहा- साथी स्वयंसेवक ने अंदर जाकर पूछा कि आज शादी का निमंत्रण था. इस पर दर्जी साथी ने कहा कि शादी तो पिछले साल हो गई. इस पर उन्होंने निमंत्रण कार्ड निकाला और तारीख देखी तो उसमें पिछले साल की उसी दिन की डेट लिखी थी. मैं हैरान था. बिना खाए हम वापस आ गए. हालांकि, इस बात का राजस्थान से लेना-देना नहीं है. लेकिन, मुझे पुरानी बात याद आई तो सोचा आपको बता दूं.
'सालभर पहले जो बजट पढ़ा था, वो डिब्बे में रख दिया'
पीएम ने कहा कि गलती किसी से भी हो सकती है. लेकिन कांग्रेस के पास ना विजन है और ना कोई विकास कराने का इरादा. कांग्रेस का काम सिर्फ घोषणाएं करना है. जमीन पर लागू करने का इरादा नहीं है. सवाल ये नहीं है कि उन्होंने विधानसभा में कौन सा बजट भाषण पढ़ा है. सवाल ये है कि सालभर पहले जो भाषण पढ़ा था, वो डिब्बे में रखा था और उसी को निकाल कर फिर पढ़ दिया.

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