
खुद को बताया आर्मी जवान, निकला रसोइया; आस मोहम्मद ने आशु राणा बनकर की नाबालिग से दोस्ती
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Delhi: साद मोहम्मद ने आशु राणा बनकर नाबालिग से दोस्ती की. रसोइए का काम करने वाले साद ने खुद को आर्मी का जवान बताया. नाबालिग और साद की दोस्ती टिक-टॉक के जरिए हुई थी. साद की सच्चाई का पता लगा तो वो नाबालिग को धमकाने लगा और उसे बदनाम करने के लिए उसकी फर्जी प्रोफाइल भी बना दी.
नाम बदलकर पहले तो मुस्लिम लड़के ने नाबालिग लड़की से दोस्ती की और खुद को भारतीय सेना का जवान भी बताया. फिर जब नाबालिग को लड़के की सच्चाई पता चली तो आरोपी उसे परेशान करने लगा. पीड़िता की फर्जी प्रोफाइल बनाकर अश्लील फोटो अपलोड करने लगा. मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने अपनी मां के साथ नॉर्थ दिल्ली साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पोस्को एक्ट में जेल भेजा गया है.
नॉर्थ दिल्ली के डीसीपी सागर कलसी के मुताबिक, धार्मिक पहचान बदलकर दूसरे नाम से दोस्ती करने के बाद नाबालिग को धमकाने की शिकायत आई थी. शिकायत में नाबालिग की फर्जी प्रोफाइल बनाकर बदनाम करन की भी बात कही गई थी. जब मामले की छानबीन की गई तो आस मोहम्मद नाम के लड़के को मेरठ से गिरफ्तार किया गया. आस मोहम्मद पीड़िता से आशु राणा बनकर बात करता था.
पुलिस ने बताया कि आरोपी आर्मी में जवान नहीं है, बल्कि वह मुंबई में इंडियन आर्मी की कलीना कैंट में कॉन्ट्रैक्ट पर रसोइए का काम करता है. आस मोहम्मद मेरठ का रहने वाला है और 12वीं तक पढ़ा है. आरोपी को पकड़ने के लिए उसका इंस्टाग्राम अकाउंट खंगाला गया. जिस नंबर से आईडी बनी थी, वह आस मोहम्मद के नाम पर निकली.
टिक-टॉक पर हुई थी दोस्ती
आरोपी आस मोहम्मद की पीड़िता से टिक-टॉक पर दोस्ती हुई थी. जिसके बाद दोनों के बीच नंबर भी एक्सचेंज हुए और फोन पर बातें शुरू हो गईं. पीड़िता और आस मोहम्मद 3-4 बार मिले भी. आस मोहम्मद पीड़िता से आशु राणा बनकर बात करता था और खुद को इंडियन आर्मी में जवान बताता था. पीड़िता उसकी बातों में फंस गई और उनके बीच बातें होती रहीं.
मां को हुआ शक

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