
खजाना हुआ खाली तो दोस्त भी दे गया दगा... CPEC पर चीन ने दिए PAK को ये 4 झटके
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चीन और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव की खबर आ रही है. चीन ने सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग से मना कर दिया है. यह पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है.
पाकिस्तान चीन के साथ अपनी दोस्ती को लेकर कसमें खाता है. पाक कहता आया है कि दोनों देशों के बीच की दोस्ती सदाबहार है, वो चीन को 'आयरन ब्रदर' बताता है. लेकिन अब ऐसी खबर सामने आई है जिससे दोनों देशों के बीच तनाव के संकेत मिल रहे हैं. चीन ने मंगलवार को अरबों डॉलर के चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडॉर (CPEC) के तहत ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन सहित कई और क्षेत्रों में पाकिस्तान का साथ देने से इनकार कर दिया है.
पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने दोनों देशों के बीच साइन हुए सीपीईसी की 11वीं संयुक्त सहयोग समिति (JCC) का हवाला देते हुए बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर में एक नया कोयला आधारित बिजली संयंत्र बनाने को लेकर अपना विरोध छोड़ दिया है. पाकिस्तान पहले इस प्लांट को थार में बनाने पर अड़ा हुआ था. पाकिस्तान ने चीन की चिंताओं को दूर करने के लिए उसकी कई मांगों पर सहमति भी जताई है.
JCC सीपीईसी की संस्था है जो इसके रणनीतिक फैसले लेती है. इसकी 11वीं बैठक पिछले साल 27 अक्टूबर को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली सरकार के आग्रह पर हुई थी.
बैठक के एक साल बाद चीन-पाकिस्तान में बनी सहमति
रिपोर्ट में कहा गया कि बैठक के लगभग एक साल बाद 31 जुलाई को दोनों देशों के 11वीं JCC की शर्तों पर सहमति बनी और एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ. इस समझौते के मिनट में दोनों पक्षों के बीच बहुत से मुद्दों पर असहमति थी जिस कारण आम सहमति तक पहुंचने में इतनी देरी हुई. पाकिस्तान की तरफ से प्रस्तावित कई मुद्दों पर चीन ने सहयोग करने से मना कर दिया जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है.
इस देरी को लेकर पाकिस्तान के योजना मंत्रालय ने कहा कि यह एक वैश्विक प्रथा है कि दो देशों के बीच बैठकों के मिनट पर उचित परामर्श और सर्वसम्मति के बाद ही दोनों पक्ष उस पर हस्ताक्षर करते हैं.

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