'क्या समय से पहले रिहाई मांगना मौलिक अधिकार है?', बिलकिस बानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा सवाल
AajTak
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पहला सवाल किया कि पीड़ित अगर कोर्ट नहीं आएंगे तो कहां आएगा? दूसरा सवाल ये कि क्या समय से पहले रिहाई मांगना मौलिक अधिकार है? तीसरा सवाल ये कि क्या सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसले हैं जिनमें पीड़ितों को अर्जी पर दोषियों की समय पूर्व रिहाई रद्द की गई?
बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई के मामले में बुधवारको भी सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पहला सवाल किया कि पीड़ित अगर कोर्ट नहीं आएंगे तो कहां आएगा? दूसरा सवाल ये कि क्या समय से पहले रिहाई मांगना मौलिक अधिकार है? तीसरा सवाल ये कि क्या सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसले हैं जिनमें पीड़ितों को अर्जी पर दोषियों की समय पूर्व रिहाई रद्द की गई?
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने रिहा किए गए दोषियों से इन सवालों के जवाब देने के लिए अगली सुनवाई चार अक्टूबर को तय कर दी है. सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील ने जब दोष सिद्धि के फैसले पर सवाल उठाए तो जस्टिस नागरत्ना ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आप सही गलत नहीं कह सकते. आप पीछे जाकर दोष सिद्धि के फैसले पर सवाल नहीं उठा सकते. सही और गलत जैसे शब्दों का प्रयोग न करें.
इसके बाद रिहा दोषियों के वकील ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद मुझे सारी जिंदगी सलाखों के पीछे गुजारनी थी. लेकिन सही या गलत नियमों के तहत ही मुझे समय पूर्व रिहाई मिली. उस पर विवाद उठाना उचित नहीं है. क्योंकि ये सब मुझे नियमानुसार ही मिला.
कोर्ट ने कहा कि कौन कहेगा कि आपको रिहाई नियमानुसार ही मिली? दोषियों के पैरवीकार वकील ने कहा कि ये तो हाईकोर्ट ही तय करेगा. कोर्ट ने कहा लेकिन यहां हमारे पास तो पीड़ित खुद आई है. लिहाजा अब आप हमारे सवालों के जवाब अगली सुनवाई पर दें.

झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट थाना क्षेत्र के दौना गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. जादू-टोना के शक में एक बुजुर्ग व्यक्ति को पंचायत के कथित फैसले के बाद जबरदस्ती पेशाब पिलाया गया. बताया जा रहा है कि गांव में कुछ दिन पहले सड़क हादसे में एक महिला की मौत हुई थी, जिसके लिए कुछ ग्रामीणों ने बुजुर्ग पर डायन का आरोप लगाया.

अब तक ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा पूरा युद्ध मिडिल ईस्ट में लड़ा जा रहा था. ईरान की मिसाइले मिडिल ईस्ट और इजरायल पर तबाही मचा रही है तो अमेरिका और इजरायल का बारूद ईरान में बर्बादी की कहानी लिख रहा है, लेकिन अब युद्ध की आग ईरान से 10 हजार किलोमीटर दूर अमेरिका तक पहुंच गई है. अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के सैन्य ठिकाने के ऊपर ड्रोन देखे गए हैं. वही ड्रोन जिसने अमेरिका में युद्ध का सायरन बजा दिया है.

गुरुग्राम की उप्पल साउथ एंड सोसायटी में मेंटेनेंस बकाया को लेकर आरडब्ल्यूए ने डिफॉल्टरों के नाम गेट पर चस्पा कर दिए हैं. बकाया नहीं चुकाने वालों के लिए मेड एंट्री, कार वॉश और फूड डिलीवरी पर रोक की तैयारी है. वहीं, लिस्ट लगने के बाद रोज 4-5 लोग भुगतान कर रहे हैं. आरडब्ल्यूए ने सख्ती जारी रखने की बात कह रही है.

महायुद्ध से इस वक्त पूरी दुनिया खबरदार हो चुकी है. क्योंकि 24 घंट के भीतर ईरान और खाड़ी देशों में तेल-गैस रिफाइनरी पर हमले में आग के बाद दुनिया का बाजार, सोना, चांदी, रुपया, ट्रंप की रेटिंग सबकुछ में उथलपुथल मच चुकी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ी धमकी दी है अगर हमारे बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ तो हम बिल्कुल भी संयम नहीं बरतेंगे. इज़राइल की तरफ से हुए हमले के पलटवार में हमने अपनी शक्ति का एक अंश ही इस्तेमाल किया है. संयम बरतने का एकमात्र कारण तनाव कम करने के अनुरोध का सम्मान करना है.

अमृतसर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. आरोपियों के पास से 7 आधुनिक पिस्तौल बरामद हुए हैं. जांच में पुर्तगाल में बैठे हैंडलर और पाकिस्तान लिंक सामने आया है. थाना कैंटोनमेंट में मामला दर्ज कर पुलिस पूरे नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगाल रही है.

केरलम (केरल) के अलाप्पुझा और कोझिकोड जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने 20,000 से ज्यादा घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दिया है. संक्रमण रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मांस और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. इस मामले की अगली कार्रवाई 21 मार्च से शुरू होगी.

मिडिल ईस्ट की जंग के बीच वैसे तो अब तक एलपीजी टैंकर के 3 जहाज होर्मुज के रास्ते भारत आ चुके हैं... लेकिन फिर भी अभी देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है... मुंबई के प्रभादेवी इलाके में मशहूर अशोक वड़ा पाव स्टॉल गैस सिलेंडर की वजह से बंद पड़ा है... ऐसा कहा जाता है कि, साल 1966 में यहीं पहली बार वड़ा पाव बनाया गया था... लेकिन 16 मार्च से कमर्शियल गैस न मिलने की वजह से ये स्टॉल बंद है.






