
कोहली के जमाने में डेब्यू, सचिन के साथ खेले, रोहित-धोनी संग ट्रॉफी उठाई... अब शुभमन की सेना के सबसे मजूबत कड़ी बने 'सर' रवींद्र जडेजा
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रवींद्र जडेजा का अनुभव इंग्लैंड जैसी मुश्किल परिस्थितियों में टीम इंडिया के लिए एक बड़ा फर्क लेकर आया. भारतीय टीम में जहां कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे युवा खिलाड़ी थे. वहीं रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी का साथ होना बड़ा जरूरी था.
रवींद्र जडेजा भारतीय क्रिकेट का वो नाम है, जिसने हर दौर में खुद को साबित किया है. दो दिन पहले समाप्त हुआ इंग्लैंड दौरा भी कुछ ऐसा ही रहा, जहां 'सर' जडेजा ने अपनी चमक बिखेरी. जब इस दौरे पर भारतीय टीम बैटिंग के दौरान प्रेशर में आई तो रवींद्र जडेजा ने मोर्चा संभालते हुए टीम को संकट से निकाला. जब तेज गेंदबाज थोड़े थक गए और कप्तान ने उन्हें रेस्ट दिया, तो रवींद्र जडेजा ने गेंदबाजी में भी जिम्मेदारी उठाई.
रवींद्र जडेजा ने इंग्लैंड दौरे पर पांचों टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 86 के एवरेज से 516 रन बनाए. इस दौरान जडेजा के बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक निकले. पहली बार ऐसा हुआ जब किसी टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की ओर नंबर-6 या उससे निचले क्रम पर बैटिंग करते हुए एक बल्लेबाज ने 500 या उससे ज्यादा रनों का योगदान दिया.
इंग्लैंड दौरे पर जडेजा ने सबसे यादगार पारी मैनचेस्टर टेस्ट मैच में खेली. उस मुकाबले में रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने भारत की दूसरी पारी में पांचवें विकेट के लिए 203* रनों की साझेदारी करके मैच बचाया था. रवींद्र जडेजा 107 और वॉशिंगटन सुंदर 101 रन पर नाबाद रहे थे. भारतीय टीम को इस दौरे पर एजबेस्टन और ओवल टेस्ट मैच में जीत हासिल हुई. इन दोनों मुकाबलों में जडेजा छाए रहे. जडेजा ने एजबेस्टन टेस्ट में दोनों पारियों में अर्धशतक (89 & 69*) जड़े. जबकि ओवल टेस्ट मैच में भारत की दूसरी पारी में उन्होंने फिफ्टी (53) जड़ी.
औसत के मामले में अवव्ल रहे रवींद्र जडेजा इंग्लैंड के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज में रवींद्र जडेजा सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर्स की सूची में चौथे नंबर पर रहे. शुभमन गिल, जो रूट और केएल राहुल ने ही रवींद्र जडेजा से ज्यादा रन बनाए. हालांकि इन तीनों का ही बैटिंग औसत रवींद्र जडेजा की तुलना में कम रहा. गेंदबाजी की बात करें तो जडेजा ने इस सीरीज में 142.1 ओवर्स डाले, जिसमें उन्होंने कुल 7 विकेट चटकाए. इंग्लिश पिचें वैसे भी स्पिनर्स के मददगार नहीं होती हैं, ऐसे में उनका गेंद से भी प्रदर्शन ठीक ही माना जा सकता है.
रवींद्र जडेजा ने अपना टेस्ट डेब्यू दिसंबर 2012 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर में किया था. तब इंग्लैंड की ओर से जो रूट ने भी अपना टेस्ट डेब्यू किया था. जडेजा के डेब्यू टेस्ट मैच में भारतीय टीम का हिस्सा सचिन तेंदुलकर भी थे. साथ ही विराट कोहली का भी शानदार दौर शुरू हो चुका था. अब सालों बाद वही जडेजा अब शुभमन गिल की कप्तानी में टीम के सबसे सीनियर प्लेयर बन चुके हैं. जडेजा मैदान पर एक खिलाड़ी का रोल तो निभा ही रहे हैं, साथ ड्रेसिंग रूम में उनकी भूमिका किसी मेंटर से कम नहीं है.
बाएं हाथ के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का अनुभव इंग्लैंड जैसी मुश्किल परिस्थितियों में टीम इंडिया के लिए एक बड़ा फर्क लेकर आया. इस युवा टीम में जहां कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे युवा खिलाड़ी थे. वहीं रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी का साथ होना बड़ा जरूरी था. रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी गेंद और बल्ले से कमाल दिखाने साथ ही ड्रेसिंग रूम में भी स्थिरता लाते हैं.

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