
कोर्ट को CBI जांच नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए...NEET मामले में याचिकाकर्ता ने दाखिल किया हलफनामा
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नीट पेेपर लीक मामले में एनटीए के खिलाफ याचिका दायर करने वाले अब्दुल्ला मोहम्मद फैज़ ने हलफनामा दाखिल कर दिया है. उनका कहना है कि नीट का री-एग्जाम होना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को चल रही सीबीआई की जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
नीट यूजी मामले को लेकर याचिकाकर्ता अब्दुल्ला मोहम्मद फैज़ ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. याचिकाकर्ता ने कहा कि सीबीआई 6 एफआईआर में मामले की जांच कर रही है, जिसमें एक स्वयं द्वारा दर्ज की गई है और पांच राजस्थान, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से हैं. इससे पता चलता है कि नीट पेपर लीक हो गया था और विभिन्न राज्यों में प्रसारित किया गया था.
CBI जांच नजरअंदाज न हो
नीट यूजी मामले में याचिकाकर्ता अब्दुल्ला मोहम्मद फैज़ का कहना है कि बिहार, झारखंड, मुंबई, अहमदाबाद आदि जैसे विभिन्न राज्यों में जांच एजेंसियों यानी, सीबीआई और ईओयू द्वारा की गई जांच में समाचार रिपोर्टों और गिरफ्तारियों से यह तथ्य स्पष्ट रूप से पता चलता है कि नीट पेपर लीक हुआ था. इस परीक्षा के पेपर को बड़े पैमाने पर अलग-अलग राज्यों में बांटा गया है. नकल या पेपर लीक होने से न केवल छात्र प्रभावित होते हैं, बल्कि ये घटनाएं समाज पर बड़ा प्रभाव छोड़ती हैं. उन्होंने आगे कहा कि NEET परीक्षा आयोजित करने में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों के उपयोग के आरोप लगाए गए हैं, जिसे माननीय न्यायालय द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और निष्पक्षता से सभी छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
NEET पेपर लीक केस, परीक्षा रद्द की मांग और अनियमितताओं आदि याचिकाओं पर आज (8 जुलाई) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की गुजारिश के बाद सुप्रीम कोर्ट नीट मामले की सभी याचिकाओं एक साथ जोड़कर सुनवाई की जा रही है. देश के लाखों नीट एस्पिरेंट्स, पेरेंट्स और कोचिंग टीचर्स की नजरें इस सुनवाई पर हैं. सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की अगुआई वाली पीठ में सीजेआई के साथ जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्र हैं.
CBI जांच कहां तक पहुंची?

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