
कोरोना की तरह अब कैंसर भी दे रहा कीमोथैरेपी को धोखा, ये है वजह
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कैंसर भी कीमोथैरेपी से बच सकता है. उसे धोखा देकर वापस आ सकता है. एकदम कोरोना वायरस की तरह, जैसे कोरोना वायरस के नए वैरिएंट वैक्सीन और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को धोखा दे सकते हैं. ठीक उसी तरह कैंसर की कोशिकाएं कुछ समय के लिए सक्रिय शीतनिद्रा यानी एक्टिव हाइबरनेशन में चली जाती है. या यूं कह लें कि निष्क्रिय हो जाती हैं. इन पर कीमोथैरेपी का असर नहीं होता. बाद में अनुकूल माहौल मिलते ही वापस अपना दुष्प्रभाव दिखाने लगती हैं.
कैंसर भी कीमोथैरेपी से बच सकता है. उसे धोखा देकर वापस आ सकता है. एकदम कोरोना वायरस की तरह, जैसे कोरोना वायरस के नए वैरिएंट वैक्सीन और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को धोखा दे सकते हैं. ठीक उसी तरह कैंसर की कोशिकाएं कुछ समय के लिए सक्रिय शीतनिद्रा यानी एक्टिव हाइबरनेशन में चली जाती है. या यूं कह लें कि निष्क्रिय हो जाती हैं. इन पर कीमोथैरेपी का असर नहीं होता. बाद में अनुकूल माहौल मिलते ही वापस अपना दुष्प्रभाव दिखाने लगती हैं. (फोटोःगेटी) न्यूयॉर्क स्थित Weill Cornell Medicine संस्था के साइंटिस्ट्स ने एक स्टडी में यह खुलासा किया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि कैंसर की कुछ कोशिकाएं खुद को बुढ़ापे (Senescence) की ओर ले जाती हैं, उसके बाद उन्हें एक्टिव हाइबरनेशन में डाल देती हैं. ताकि उनके ऊपर की जा रही तीव्र कीमोथैरेपी (Chemotherapy) प्रक्रिया का असर कम हो. (फोटोःगेटी) इस स्टडी के होने के बाद अब कैंसर के लिए नई दवाओं और वैक्सीन की खोज शुरु हो सकती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि अब ऐसी दवाएं बनानी होंगी जो कैंसर की कोशिकाओं को हाइबरनेशन में जाने से रोकें और उन्हें तत्काल खत्म कर दें. इसके अलावा उनपर कीमोथैरेपी का भी असर हो. (फोटोःगेटी) ये भी पढ़ेंः कैंसर में काम आता है Poop ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट
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