
कोरोना काल में संगम की रेती पर कल्पवास, जानें कितनी कठिन ये तपस्या और क्या मिलता है फल?
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संगम की रेती पर लगने वाले कुम्भ की पहचान अखाड़े होते हैं, जबकि वार्षिक माघ मेले का आकर्षण कल्पवासी होते हैं. श्रद्धालु नियम और संयम के साथ कठोर तप कर एक महीने यहां ठहरकर अपना कल्पवास सम्पन्न करते हैं.
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती पर हर साल लगने वाला सबसे बड़ा धार्मिक माघ मेला चल रहा है. संगम की रेती पर लगने वाले कुम्भ की पहचान अखाड़े होते हैं, जबकि वार्षिक माघ मेले का आकर्षण कल्पवासी होते हैं. श्रद्धालु नियम और संयम के साथ कठोर तप कर एक महीने यहां ठहरकर अपना कल्पवास सम्पन्न करते हैं. इस कल्पवास की शुरूआत पौष पूर्णिमा के स्नान से आरंभ हो जाती है.

Shaddi-Vivah Shubh Muhurat 2026: साल 2026 उन लोगों के लिए खास रहने वाला है जो विवाह की तैयारी में हैं. देवशयनी एकादशी से पहले कई महीनों तक लगातार शुभ मुहूर्त मिलेंगे, वहीं चातुर्मास के बाद देवउठनी एकादशी से फिर से विवाह का शुभ दौर शुरू होगा. तो आइए जानते हैं कि साल 2026 शादी-विवाह के लिए कितने मुहूर्त रहने वाले हैं.












