
कोरोनाः महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री बोले- जो अन्य दवाओं से ठीक हो सकते हैं, उन्हें न दें रेमडेसिविर
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महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि हमने डॉक्टरों के लिए प्रोटोकॉल तय किए हैं जिसका पालन सभी को करना होगा. हमने सभी से स्टॉक के लिए बोला है जिससे हर उस मरीज को रेमडेसिविर मिल सके जिसे इसकी जरूरत है और ब्लैक मार्केटिंग न होने पाए.
कोरोना से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. तेज रफ्तार कोरोना के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. कई जगह ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है तो कई जगह रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है. रेमडेसिविर को लेकर महाराष्ट्र सरकार और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग भी चल रही है. इन सबके बीच महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का भी बयान आया है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारे पास कोरोना संक्रमितों के लिए जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर की कमी है. उन्होंने कहा कि हमने मरीजों की हालत के आधार पर ए,बी, सी, डी, ई और एफ कैटेगरी में वर्गीकरण किया है. केवल ई और एफ कैटेगरी के मरीजों को ही रेमडेसिविर इंजेक्शन दी जानी चाहिए. ए, बी, सी और डी कैटेगरी के मरीज Fabi Flu और अन्य दवाओं से ठीक हो सकते हैं.
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