
कोई मर जाए तो खुद का शरीर काटती हैं औरतें, हैरान कर देगी यहां की अनोखी प्रथा
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इंडोनेशिया की एक जनजाति 'दानी' के बीच प्रचलित एक ऐसी मान्यता है जिसे जानकर ही आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. इस जनजाति की महिलाएं अपने प्रियजनों की मौत के बाद मानों खुद को सजा देती हैं और अपने ही शरीर का अंग काट लेती हैं.
दुनिया के कई देशों और सभ्यताओं में आज भी सदियों पुरानी मान्यताएं कायम हैं. ये मान्यताएं कभी हैरान कर देती हैं तो कभी डरा देती हैं. भले हमें ये रीति-रिवाज विचित्र लगें मगर इन आदिवासियों के लिए ये मान्यताएं बेहद खास हैं. ऐसी ही एक मान्यता इंडोनेशिया की एक जनजाति 'दानी' के बीच प्रचलित है जिसे जानकर ही आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. इस जनजाति की महिलाएं अपने प्रियजनों की मौत के बाद मानों खुद को सजा देती हैं.
महिलाएं काट लेती हैं शरीर के ये अंग
यहां परिवार की औरतों को किसी प्रियजन के निधन के बाद, उनके सम्मान और शोक के संकेत के रूप में अपनी उंगलियों के ऊपरी हिस्से को काटना होता है. वह बिना हिचकिचाए ऐसा करती भी हैं. इस प्रथा का उद्देश्य उस दर्द का प्रतीक है जो किसी प्रियजन को खोने के बाद महसूस होता है. इसी तरह इस जनजाति में कई लोग अक्सर अपने जीवनकाल के दौरान अपनी कई अंगुलियों को काट देते हैं. डेली मेल की खबर के अनुसार पड़ोसी देश सिंगापुर के फ़ोटोग्राफ़र और आईटी सपोर्ट इंजीनियर तेह हान लिन ने चार दिन की अवधि में इस जनजाति की कई तस्वीर खींची थीं.
जनजाति के मर्द पहनते हैं पारंपरिक 'कोटेका'
उन्होंने कहा-'दानी जनजाति एक बहुत ही अनोखी जनजाति है, विशेष रूप से उनके जीवन जीने के तरीके और उनके पारंपरिक 'कोटेका (मर्दों द्वारा प्राइवेट पार्ट छुपाने के लिए पहना जाने वाला अनोखा वस्त्र) ' पहनने को लेकर भी. मैं नहीं जानता कि यह जनजाति कब विलुप्त हो जाएगी, यही कारण है कि मैंने इस साल उनसे मिलने का फैसला किया.'
1938 में हुई जनजाति की खोज

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