
केवल एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट से ही नहीं जाएगी महुआ की सांसदी, नंबरगेम से तय होगा फ्यूचर!
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लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने गुरुवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की है. महुआ पर पैसे के बदले सवाल पूछे जाने का आरोप लगा था. कमेटी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट फाइनल की है. इसे लोकसभा स्पीकर को सौंपा जाएगा. उसके बाद कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा.
लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है. बीजेपी सांसद विनोद सोनकर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने वोटिंग के बाद कार्रवाई का प्रस्ताव पास कर दिया है. कमेटी ने 479 पेजों में ड्राफ्ट रिपोर्ट फाइनल की है. हालांकि, महुआ पर कार्रवाई को लेकर संसद में भी प्रोसेस पूरी होनी बाकी है. अगले सत्र में इस रिपोर्ट में बहस होगी और उसके बाद मतदान होगा और फैसला लिया जाएगा.
बता दें कि महुआ मोइत्रा को संसद का अपना लॉगइन आईडी और पासवर्ड किसी दूसरे को शेयर करने का आरोपी पाया गया है. कमेटी ने 'अनैतिक आचरण' का दोषी पाया है. कमेटी ने महुआ की संसद सदस्यता रद्द करने के अलावा उनके खिलाफ समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई करने की भी सिफारिश की है. दरअसल, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप लगाया था. दुबे ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर से की थी. मामले में लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने जांच की. दुबे का आरोप है कि नकदी और गिफ्ट के बदले संसद में सवाल पूछने के लिए महुआ और कारोबार दर्शन हीरानंदानी के बीच 'रिश्वत' का लेन-देन हुआ था. दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई के पत्र का हवाला दिया, जिसमें महुआ और हीरानंदानी के बीच कथित आदान-प्रदान के 'सबूत' का जिक्र किया गया है.
'एथिक्स कमेटी ने पहली बार की निष्कासन की सिफारिश'
लोकसभा की एथिक्स कमेटी की तरफ से पहली बार किसी सांसद के खिलाफ निष्कासन की सिफारिश की गई है. जबकि 18 साल पहले 10 लोकसभा और एक राज्यसभा मेंबर को भी पैसे के बदले सवाल पूछने के आरोप में सस्पेंड किया गया था. इनमें छह बीजेपी, तीन बीएसपी, एक-एक कांग्रेस और आरजेडी के सदस्य शामिल थे. 12 दिसंबर 2005 को सामने आए वीडियो में 11 सांसद हाथ में पैसे लेते दिखे थे. इसका स्ट्रिंग ऑपरेशन किया गया था. घटना के 10 दिन के अंदर दोनों सदनों में वोटिंग के जरिए 11 सांसदों को निष्कासित कर दिया गया था. बीजेपी ने वोटिंग का बहिष्कार किया था.
ड्राफ्ट रिपोर्ट पर 6:4 के बहुमत से सिफारिश
हालांकि, महुआ ने किसी भी तरह का आर्थिक लाभ लेने के आरोप से इनकार किया है. सूत्रों के मुताबिक, महुआ मामले में गुरुवार को कांग्रेस से निष्कासित सांसद परणीत कौर समेत एथिक्स कमेटी के छह सदस्यों ने ड्राफ्ट रिपोर्ट के समर्थन में वोट किया. जबकि बसपा के दानिश अली, जदयू के गिरधारी लाल समेत चार सदस्यों ने रिपोर्ट के खिलाफ वोटिंग की. बाद में 6:4 से प्रस्ताव पास हो गया. विपक्षी सदस्यों का कहना है कि बिना चर्चा के सीधे वोटिंग करवाई गई है. विपक्षी सदस्यों का कहना है कि कारोबारी दर्शन हीरानंदानी को पैनल के सामने पेश होने का मौका नहीं दिया गया है. दर्शन ने सिर्फ हलफनामा ही दायर किया है. विपक्षी सदस्यों ने असहमति नोट में पक्षपात का आरोप लगाया है.

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