
कृषि कानून वापस, अब आगे की क्या है रणनीति? नरेश टिकैत ने दिया जवाब
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किसान आंदोलन का आज एक साल पूरा हो गया है और इस मौके पर किसान एक बार फिर आंदोलन को हवा देने में जुट गए है. दिल्ली के तीनों बॉर्डर पर किसान जमा है. वहां उनकी महापंचायतें चल रही हैं. किसानों ने 29 नवम्बर को संसद कूच का ऐलान कर दिया है. कल भी बैठकें होगी जिनमें आगे की रणनीति बनेगी. किसानों ने ऐलान कर दिया है कि अब एमएसपी उनकी सबसे अहम मागं है. सरकार उनसे बात करे और उनकी बाकी मांगे मानें तो वो घर चले जाएंगे. दिल्ली के तीनों बार्डर पर किसान जमे है. हरियाणा पंजाब यूपी और राजस्थान से किसान आ रहे हैं. सबसे अहम मार्च हरियाणा के शंभू बार्डर से शुरू हुआ है. दिल्ली के बॉर्ढर पर सुरक्षा कड़ी है. देखें

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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