
किसानों का 'दिल्ली चलो मार्च'... राजधानी में महीनेभर तक धारा 144 लागू, पढ़ें क्या-क्या पाबंदियां रहेंगी?
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किसानों का मंगलवार से दिल्ली चलो मार्च शुरू होने जा रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों से 200 से ज्यादा किसान संगठनों के इसमें शामिल होने का दावा किया जा रहा है. इसके चलते राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. साथ ही एक महीने तक धारा-144 भी लागू कर दी गई है.
किसान एक बार फिर बड़ा आंदोलन करने के मूड में हैं. दो बड़े संगठन- संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने 13 फरवरी को 'दिल्ली चलो' का नारा दिया है. इनका दावा है कि 200 से ज्यादा किसान संगठन इसमें हिस्सा लेंगे.
एमएसपी (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं. इनका मकसद संसद भवन का घेराव कर सरकार पर अपनी मांगें मनवाने का दबाव बनाना है.
किसानों को दिल्ली आने से रोकने की तैयारी भी हो चुकी है. दिल्ली की तीनों सीमाएं- सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर को सील कर दिया गया है. ड्रोन से निगरानी की जा रही है.
इतना ही नहीं, पूरी दिल्ली में धारा-144 भी लगा दी गई है. 12 फरवरी से 12 मार्च तक धारा-144 लागू रहेगी. पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस दौरान लोगों के एकजुट होने, रैलियां करने और लोगों को लाने-ले जाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर रोक रहेगी.
क्यों लगाई धारा-144?
धारा-144 समाज में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए लगाई जाती है. इस दौरान इलाके में चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते.

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