
कानपुर में BJP नेता ने मुस्लिम को नहीं लगाने दिया दुकान, पुलिस ने किया गिरफ्तार
AajTak
कानपुर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता तुषार शुक्ला का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुस्लिम समुदाय के रेहड़ी पटरी वाले दुकानदार को दुकान नहीं लगाने दे रहे हैं. पुलिस ने तुषार को गिरफ्तार कर लिया है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में बवाल के बाद अब माहौल शांत हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता हर्षित श्रीवास्तव के बाद एक और स्थानीय बीजेपी नेता ने माहौल खराब करने की कोशिश की.
इस बीजेपी नेता का नाम तुषार शुक्ला है, जिसे कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल बुधवार को गोविन्द नगर इलाके में रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले एक अल्पसंख्यक समुदाय के व्यापारी को बीजेपी नेता तुषार शुक्ला ने धर्म पूछ कर अपमानित किया और दुकान लगाने से भगा दिया. इतना ही नहीं आखिर में तुषार ने उससे जबर्दस्ती जयश्रीराम भी कहलाया.
इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस भी एक्शन में आ गई. गोविन्द नगर में एफआईआर लिखकर आरोपी तुषार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने तुषार की गिरफ्तारी का फोटो भी ट्विटर हैंडल से जारी की. इससे पहले कानपुर पुलिस ने बीजेपी नेता हर्षित श्रीवास्तव को विवादित धार्मिक टिप्पणी के बाद गिरफ्तार किया था.
कानपुर पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नाम हर्षित श्रीवास्तव है और वह बीजेपी के फ्रंटल संगठन युवा मोर्चा में मंत्री है. मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने बताया कि हर्षित ने पोस्ट के जरिए गलत टिप्पणी की थी, इसलिए उसको गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि किसी को सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की छूट नहीं है.
बता दें कि नूपुर शर्मा ने विवादित बयान दिया था. उनके समर्थन में दिल्ली बीजेपी के मीडिया प्रभारी नवीन कुमार जिंदल ने भी ट्वीट किए थे. मामला बढ़ने पर पार्टी ने नूपुर को सस्पेंड कर दिया, जबकि जिंदल को 6 साल के लिए बाहर कर दिया है.
बीजेपी नेताओं की इस बयानबाजी पर कई मुस्लिमों देशों ने भी आपत्ति जताई है. इस विवाद के बाद बीजेपी ने यूपी में अपने प्रवक्ताओं पर लगाम कसी है. बीजेपी ने अपने प्रवक्ताओं से कानपुर हिंसा और नूपुर शर्मा के मामले पर बयान न देने के लिए कहा है. बीजेपी ने अपने प्रवक्ताओं से कहा है कि वे संवेदनशील मामले पर बोलते समय ध्यान रखें.

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की वजह से 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है. प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है और मुर्गियों को मारने (कलिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.









