
कानपुर में फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़े गए बांग्लादेशी परिवार को जेल, पाकिस्तान गया था मुखिया
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कानपुर में रहने वाला बांग्लादेशी परिवार अब जेल में है. परिवार के सदस्यों के पास फर्जी पासपोर्ट मिला था. डॉ. रिजवान का दूसरा नाबालिग बेटा भी जेल भेजा गया. वह शहर के नामी स्कूल में पढ़ाई करता था, जिसकी सालाना फीस एक लाख रुपए थी. पाकिस्तान की यात्रा कर चुके रिजवान के संबंध में पुलिस ने खुफिया विभाग को जानकारी दी है.
यूपी (Uttar Pradesh) के कानपुर में 11 दिसंबर को पुलिस ने बांग्लादेशी परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था. अब परिवार का एक और सदस्य गिरफ्तार किया गया है. बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान के दूसरे नाबालिग बेटे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इसके पहले डॉ. रिजवान, पत्नी हिना, बेटी रुखसार, ससुर खालिद को जेल भेज दिया गया था.
शहर के नामी स्कूल में करता है पढ़ाई
पुलिस के मुताबिक, जेल भेजा गया नाबालिग शहर के ग्वालटोली स्थित नामी स्कूल में पढ़ाई करता था. स्कूल की सालाना फीस एक लाख रुपए है. सपा विधायक इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नु रहमान के प्रमाण पत्र से नाबालिग का भी फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया था.
बांग्लादेशी परिवार के फर्जी सर्टीफिकेट बनाने के लिए सपा विधायक इरफान सोलंकी के नाम से जारी किए गए लेटर में लिखा गया है कि ये कानपुर के मूलगंज के मूल निवासी हैं. सपा विधायक ने इनको मूलतः मूलगंज का रहने वाला बताया था, जबकि हकीकत में वह बांग्लादेश के रहने वाले हैं.
साइन मिले, तो बढ़ेगी विधायक की मुश्किल
विधायक इरफान सोलंकी के समर्थन का जो लेटर डॉ. रिजवान के पास से बरामद हुआ है. अगर जांच में विधायक के साइन सही पाए गए, तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पुलिस सपा विधायक के पत्र के साथ ही पार्षद मुन्नू रहमानी के लिखे गए पत्र की भी जांच करा रही है.

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