
कांच की फैक्ट्री में 30 साल किया काम... अब मेंढक की तरह हो गया शख्स का चेहरा
AajTak
चीन में कांच बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते-करते एक शख्स का चेहरा मेंढक की तरह बन गया. अब उसे लोग 'फ्रॉग प्रिंस' कहकर बुलाते हैं. यह सुनकर अजीब लग सकता है, लेकिन ऐसा वाकई में हुआ है. जानते हैं आखिर किसी शख्स का चेहरा मेंढक की तरह बन सकता है.
चीन में इन दिनों एक शख्स काफी चर्चा में है. इसे लोग 'मेंढक राजकुमार' या 'फ्रॉग प्रिंस' कहकर बुलाते हैं. ऐसे नाम रखने के पीछे उस शख्स के चेहरे की अजीब बनावट है. उसका चेहरा किसी मेंढक की तरह बन गया है, ऐसा नहीं था. 30 साल तक कांच की फैक्ट्री में काम करने के बाद उसका चेहरा असामान्य रूप से बदल गया है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कांच बनाने वाले के 30 साल के काम के बाद गाल असामान्य रूप से उभर गए हैं.उनके साथ काम करने वाले लोग उसे 'बड़े मुंह वाला भाई' कहकर पुकारते हैं. गुब्बारे जैसे चेहरे वाले 48 साल के इस शख्स का काम कांच की फैक्ट्री में पाइप से सांचों में हवा भरना था. मुंह से लगातार हवा भरने के कारण मांसपेशियों में टूट गई और उसका चेहरा ऐसा हो गया.
कांच बनाने वाले इस कारीगर के गाल थोड़ी सी भी हवा भरने पर गुब्बारे की तरह फूल जाते हैं. ऐसा 30 वर्षों के काम के दौरान गालों पर पड़ने वाले तनाव के कारण वो मेंढक की तरह नाटकीय रूप से बाहर निकल आए हैं. जेएक्सन्यूज डॉट कॉम सीएन न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, झांग नाम का ये व्यक्ति, दक्षिणी चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के झोंगशान में एक कांच फैक्ट्री में काम करते हैं. अपनी चेहरे पर आए ऐसे बदलाव की वजह से वो चर्चा में हैं.
कैसे मेंढक की तरह हो गए शख्स के गाल लंबे समय तक फूंक मारने की वजह से झांग की चेहरे की मांसपेशियां अजीब तरह से विकसित हो गई हैं, जिससे फूंक मारते समय उसके गाल विचित्र रूप से फूल जाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उनके सहकर्मी उन्हें प्यार से "बड़े मुंह वाला भाई" कहते हैं, जबकि वह हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को "मेंढक राजकुमार" कहते हैं.
मध्य हुनान प्रांत के एक गांव से आने वाले झांग पिछले 30 वर्षों से ग्वांगडोंग में कांच फैक्ट्री में काम कर रहे हैं. वायरल वीडियो में झांग को 1.5 मीटर लंबी धातु की पाइप का उपयोग करते हुए दिखाया गया है, जिससे वह 1,000 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर गर्म किए गए पिघले हुए कांच के ढेर को उठाता है और पाइप के माध्यम से हवा फूंकते हैं, ताकि कांच का ढेर फैल सके.
30 साल तक लगातार पाइप में मुंह से मारते रहे फूंक उन्हें कांच को आकार देने के लिए पाइप को बड़ी सावधानी से घुमाते हुए और साथ ही साथ कांच को फूंकते हुए देखा जा सकता है. वर्कशॉप में गर्मी के कारण झांग अक्सर बिना शर्ट पहने ही काम करता है.झांग ने कहा कि जब उन्होंने कई साल पहले यह काम शुरू किया था तब उनका चेहरा सामान्य था. बार-बार हवा भरने की वजह से उसके चेहरे की मांसपेशियां खिंच गई हैं.धीरे-धीरे मेरे गाल ढीले पड़ गए और गुब्बारे जैसे हो गए.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंदरों से परेशान किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है. गांव के कुछ किसान भालू का वेश पहनकर खेतों में घूम रहे हैं, ताकि बंदर डरकर फसलों से दूर भाग जाएं. इस जुगाड़ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हैरानी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया की सख्त और रहस्यमयी राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा बार-बार नजर आ रहा है.किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए. मिसाइल परीक्षण हो, सैन्य परेड हो या हथियार फैक्ट्री का दौरा, वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे रही हैं. उनकी लगातार मौजूदगी ने दुनिया भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को देश का अगला नेता बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से इंसानों को उलझाता रहा है. धर्म, दर्शन और विज्ञान-सबने अपने-अपने तरीके से इसका जवाब खोजने की कोशिश की है, लेकिन आज भी यह रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्केच वायरल हो रहा है, जिसे एक शख्स ने मौत के करीब पहुंचने के अनुभव के बाद बनाया. इस चित्र में उसने ब्रह्मांड और चेतना के संबंध को एक नक्शे की तरह दिखाने की कोशिश की है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.

Aaj 16 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 16 मार्च 2026, दिन- सोमवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, द्वादशी तिथि सुबह 09.40 बजे तक फिर त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में शाम 18.14 बजे तक फिर कुंभ में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.06 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक, राहुकाल- सुबह 8 बजे से सुबह 09.30 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.









