
कांग्रेस अगर 'INDIA' के घटक दलों की डिमांड मान ले तो उसके पास बचेगा क्या?
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इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है तो वहीं कई जगह घटक दल अपनी लकीर खींचे बैठे हैं. यूपी में अखिलेश यादव 65 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं तो वहीं बिहार में जेडीयू-आरजेडी भी 17-17 सीट से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं. ममता भी बंगाल में दो सीट से अधिक देने को तैयार नहीं हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी ने भी हरियाणा, गोवा और गुजरात में सीटों की डिमांड कर दी है. अब कांग्रेस अगर घटक दलों की डिमांड मान ले तो उसके पास बचेगा क्या?
लोकसभा चुनाव करीब आ चुके हैं. सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कठिन सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान करने की तैयारी में है तो वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का पेच ही नहीं सुलझा है. इंडिया गठबंधन में राज्यों से लेकर दिल्ली तक सीट शेयरिंग पर मंथन के जारी है. बैठकों का दौर चल रहा है, नेताओं की मेल-मुलाकातें जारी हैं लेकिन यूपी और बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र दिल्ली और पंजाब तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला क्या हो? अभी तक यह भी तय नहीं हो पाया है.
अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दलों के अपने-अपने फॉर्मूले हैं, अपनी-अपनी मांग है. बिहार में लालू यादव की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) हो या नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), दोनों में से कोई भी सीटों के मामले में त्याग को तैयार नजर नहीं आ रहा है. यूपी में समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव ने अपनी लकीर खींच रखी है तो महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी की भी अपनी ही मांग है. दिल्ली और पंजाब की सत्ताधारी पार्टी ने साफ कर दिया है कि गोवा, गुजरात और हरियाणा में भी सीटों को लेकर बात होगी.
इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर जारी माथापच्ची के बीच सवाल यह भी उठ रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी ही त्याग करने को तैयार हो जाए और सभी घटक दलों की डिमांड मान ले तो उसके पास क्या बचेगा?
यूपी में अखिलेश ने खींच रखी है लकीर
लोकसभा सीटों के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अलग ही लकीर खींच रखी है. अखिलेश यादव ने यह साफ कह दिया है कि यूपी में इंडिया गठबंधन का नेतृत्व सपा ही करेगी. सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर एक तरफ बातचीत चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश पार्टी यह संदेश देने में भी जुटी है कि हम 65 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस अगर सपा की बात मान लेती है तो उसे बची 15 लोकसभा सीटों में ही जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक दल को भी एडजस्ट करना होगा. जयंत की पार्टी भी छह सीटों की डिमांड कर रही है. ऐसे में कांग्रेस के लिए 80 सीटों वाले यूपी में महज नौ सीटें ही बचेंगी.
बिहार में 17 से कम सीटों पर तैयार नहीं जेडीयू-आरजेडी

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