
कम होंगी कोविशील्ड, कोवैक्सीन की कीमतें! सरकार ने सीरम और भारत बायोटेक से कही ये बात
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कोविशील्ड और कोवैक्सीन की अलग-अलग कीमतों को लेकर अब केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से वैक्सीन की कीमतें कम करने को कहा है. सरकार ने कहा कि दोनों कंपनियां वैक्सीन की कीमतें कम करने की संभावनाएं तलाशें.
देश में कोरोना वैक्सीन की कीमतों को लेकर जो विवाद चल रहा है, अब केंद्र सरकार उसको थोड़ा शांत कराने की कोशिश कर रही है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से वैक्सीन की कीमतें कैसे कम हों, इसकी संभावनाएं तलाशने को कहा है. सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने वैक्सीन की कीमतों को लेकर सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से बात की है और उनसे कहा है कि वो सभी संभावनाएं तलाशी जाएं, जिससे वैक्सीन की कीमतें कम हो सकें. सूत्रों से पता चला है कि भारत बायोटेक ने वैक्सीन की कीमत कम करने का फैसला लिया है. हालांकि, भारत बायोटेक वैक्सीन की कीमतें सिर्फ राज्य सरकारों के लिए कम कर सकती है. निजी अस्पतालों को मिलने वाली वैक्सीन की कीमत कम नहीं होगी.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

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उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







