
कनाडा में पनप रहे खालिस्तान पर PM मोदी सख्त! प्रधानमंत्री ट्रूडो से कही ये बात
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MEA ने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा में चरमपंथी तत्वों की भारत विरोधी गतिविधियों को जारी रखने के बारे में भारत की कड़ी चिंताओं से ट्रूडो को अवगत कराया. वे अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं, राजनयिक परिसरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और कनाडा में भारतीय समुदाय और उनके पूजा स्थलों को धमकी दे रहे हैं.
भारत ने 2023 में G20 समिट की अध्यक्षता की. रविवार को G20 के समापन के साथ ही अगले वर्ष की अध्यक्षता ब्राजील को दी जाएगी. इस समिट के लिए दिल्ली में दुनियाभर के कई राष्ट्राध्यक्ष जुटे हुए थे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो को कनाडा में चरमपंथी तत्वों की जारी भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में भारत की कड़ी चिंताओं से अवगत कराया. पीएम मोदी ने ट्रूडो का ध्यान उन खालिस्तानी अलगाववादियों की ओर खींचा जो राजनयिकों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे थे और भारतीयों को धमकी दे रहे थे.
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि G20 शिखर सम्मेलन के मौके पर ट्रूडो के साथ अपनी बातचीत में, मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि भारत-कनाडा संबंधों की प्रगति के लिए परस्पर सम्मान और विश्वास पर आधारित संबंध जरूरी हैं. इसमें कहा गया, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-कनाडा संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं.
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
MEA ने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा में चरमपंथी तत्वों की भारत विरोधी गतिविधियों को जारी रखने के बारे में भारत की कड़ी चिंताओं से ट्रूडो को अवगत कराया. वे अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं, राजनयिक परिसरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और कनाडा में भारतीय समुदाय और उनके पूजा स्थलों को धमकी दे रहे हैं.
'ऐसी ताकतों से निपटने के लिए दोनों देशों का साथ जरूरी'
पीएम ने ट्रूडो से कहा कि संगठित अपराध, ड्रग सिंडिकेट और मानव तस्करी के साथ ऐसी ताकतों का गठजोड़ कनाडा के लिए भी चिंता का विषय होना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ऐसे खतरों से निपटने के लिए दोनों देशों के लिए सहयोग करना जरूरी है.

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