
कत्ल के बाद झाड़ियों में फेंक दी थी लड़की की लाश, मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस ने बनाई 20 टीम
AajTak
नवी मुंबई के पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे ने सोमवार को इस हत्याकांड के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि उस लड़की की हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंका गया था. लड़की की उम्र 20 साल थी. अब इस मर्डर केस को सुलझाने के लिए 20 टीमें बनाई गई हैं.
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक लड़की के कत्ल का मामला पुलिस के लिए पहेली बनता जा रहा है. पुलिस ने लड़की की लाश एक रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में फेंक दी थी. जिसे पुलिस ने वहीं से बरामद किया था. अब पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए 20 टीम गठित की हैं.
नवी मुंबई के पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे ने सोमवार को इस हत्याकांड के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि उस लड़की की हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंका गया था. लड़की की उम्र 20 साल थी. अब इस मर्डर केस को सुलझाने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं.
डीसीपी विवेक पानसरे ने बताया कि शनिवार की सुबह लड़की की लाश नवी मुंबई में उरण रेलवे स्टेशन के पास घने जंगल में झाड़ियों से बरामद की गई थी. पुलिस का मानना है कि शुक्रवार की दोपहर 3:30 से 4:30 बजे के बीच उसकी हत्या की गई थी.
पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे ने आगे बताया कि वो लड़की नवी मुंबई के एक ऑफिस में काम करती थी. वारदात के दिन उसने हाफ डे लिया था. इस कत्ल के लिए जिम्मेदार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. मामले का खुलासा करने के लिए 20 टीमें गठित की गई हैं. पुलिस हत्या की सभी एंगल से जांच कर रही है.
इस बीच, मरने वाली लड़की के पिता ने उनकी बेटी की हत्या के लिए दूसरे समुदाय के एक युवक को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि पुलिस को उसे तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए. पीड़िता के पिता ने 2019 में उनकी बेटी को परेशान करने के आरोप में उस व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








