
कतर से ऐसे हुई 8 भारतीयों की रिहाई... मोदी-डोभाल ने संभाला मोर्चा, Plan-B भी था तैयार
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कतर की जेल में बंद नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को रिहा कर दिया गया है. इनमें से सात भारत भी लौट आए हैं. इन सभी भारतीयों को पिछले साल 26 अक्टूबर को कतर की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. ऐसे में जानते हैं कि आखिर इन भारतीयों की वापसी कैसे मुमकीन हुई?
कतर में हिरासत में रखे गए भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को रिहा कर दिया गया है. इन आठ में से सात भारतीय वापस भारत भी लौट आए हैं.
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत किया जाता है जो दाहरा ग्लोबल कंपनी में काम कर रहे थे और कतर में हिरासत में थे.'
कतर में इन भारतीयों को अगस्त 2022 में हिरासत में लिया गया था. पिछले साल कतर की अदालत ने इन्हें जासूसी के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में इस सजा को कम कर दिया गया था.
भारतीयों की रिहाई ऐसे वक्त हुई है, जब 14 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कतर की राजधानी दोहा जा रहे हैं. पीएम मोदी यूएई के दौरे के बाद कतर पहुंचेंगे.
कौन थे ये भारतीय?
नौसेना के जिन 8 पूर्व अफसरों को कतर में हिरासत में रखा गया था, उनमें कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदू तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और सेलर रागेश हैं.

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