
ओवैसी ने पूछा- UP की 'ठोक दो' नीति के शिकार 37% मुस्लिम क्यों? योगी के मंत्री का पलटवार
AajTak
बलरामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए हैदराबाद के सांसद राज्य की योगी सरकार पर जमकर बरसे. अब ओवैसी को जवाब देने के लिए यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रज़ा मैदान में कूदे हैं.
बिहार, बंगाल समेत कई राज्यों में चुनावी दस्तक देने के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अब उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. बलरामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए हैदराबाद के सांसद राज्य की योगी सरकार पर जमकर बरसे. अब ओवैसी को जवाब देने के लिए यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रज़ा मैदान में कूदे हैं.ओवैसी का योगी सरकार पर वार... बलरामपुर की सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘जब से बीजेपी की सरकार बनी है, 2017-2020 में 6 हजार से अधिक एनकाउंटर हुए हैं. इनमें जो लोग मरे हैं, उनमें से 37 फीसदी मुसलमान हैं.’ ओवैसी ने पूछा कि आखिर ये जुल्म क्यों हो रहा है. ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में संविधान का राज नहीं है, संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. यूपी सीएम योगी की ठोक दो नीति का सबसे बड़ा निशाना उत्तर प्रदेश के मुसलमान बन रहे हैं. ओवैसी ने सीधे निशाना साधते हुए कहा कि कयामत का दिन जल्द आएगा और उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार फिर नहीं बनेगी. भारत के सियासत की तल्ख हक़ीक़त ये है कि जब तक आपके वोट से आपके नुमाइंदे कामयाब नहीं होंगे, तब तक आपकी आवाज़ को कोई नहीं सुनेंगे और आपके मसाइल हल नही किये जाएंगे - बैरिस्टर @asadowaisi pic.twitter.com/fDvpYZKI9L
जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.










