
ओडिशा ने ऐसा क्या कि हर साल आसानी से झेल लेता है तूफान? 25 साल पहले आए 'महातूफान' से क्या है कनेक्शन
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25 साल पहले ओडिशा में अब तक का सबसे खतरनाक तूफान आया था. उस तूफान में लगभग 10 हजार लोग मारे गए थे. इसके बाद ओडिशा ने खुद को इस तरह तैयार किया कि वहां कितना भी बड़ा तूफान आ जाए, नुकसान बहुत ज्यादा नहीं होता है. ऐसे में जानते हैं कि ओडिशा ने ऐसा क्या किया, जिससे वो समंदर का गुस्सा झेल लेता है.
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'दाना' ने अब रफ्तार पकड़ ली है. गुरुवार सुबह से ही ओडिशा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, साइक्लोन दाना 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ रहा है.
मौसम विभाग ने बताया कि दाना तूफान गुरुवार-शुक्रवार की रात भितरकनिका नेशनल पार्क और धामरा पोर्ट के पास टकराएगा. ये दोनों पुरी से सटे हुए हैं. इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है.
शुक्रवार सुबह साइक्लोन दाना के उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है. इस तूफान का सबसे ज्यादा असर ओडिशा में होगा. तूफान से पहले 10 लाख से ज्यादा लोगों को निकाला जाना है. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने बताया कि बुधवार सुबह तक 10 लाख में से 30 फीसदी लोगों को निकाला जा चुका है.
तूफान के चलते रेलवे ने 200 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल कर दी हैं. एनडीआरएफ की 56 टीमों को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तैनात किया गया है. इनमें से 21 टीम ओडिशा और 17 पश्चिम बंगाल में हैं.
वैसे तो तूफान जब आता है तो तटीय राज्यों पर ही इसका सबसे ज्यादा असर दिखता है. लेकिन ओडिशा तूफानों को हर साल झेलता है. किसी भी तूफान का सबसे ज्यादा असर यहीं पड़ता है. ओडिशा सरकार की एक रिपोर्ट बताती है कि 100 साल में यहां 260 से ज्यादा तूफान आए हैं.
मगर ओडिशा ही क्यों?

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