
ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी करने वाले अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गिरफ्तार, ओवैसी बोले- राय रखने पर कार्रवाई निंदनीय
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अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सोशल मीडिया पर 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर की गई टिप्पणी के कारण गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा पुलिस ने उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया है. इस मामले में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान आया है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई को 'कानूनी उल्लंघन' बताया है.
हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी पर विवाद बढ़ गया है. अली खान पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी की है. खान की गिरफ्तारी का AIMIM ने विरोध किया है और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
अली खान महमूदाबाद प्राइवेट यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. उन्हें ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया है. प्रोफेसर खान के खिलाफ बीजेपी युवा मोर्चा के सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली में हिरासत में लिया गया. हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी टिप्पणी के संबंध में उन्हें नोटिस जारी किया था.
इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान आया है और उन्होंने प्रोफेसर की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. ओवैसी ने एक्स पर लिखा, यह पूरी तरह से निंदनीय है. यदि यह सच है तो हरियाणा पुलिस ने कथित रूप से दिल्ली से उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन किया है. यह किसी व्यक्ति को उसकी राय के लिए निशाना बनाने जैसा है. उनकी पोस्ट ना तो राष्ट्रविरोधी थी और ना ही महिला विरोधी. सिर्फ एक बीजेपी कार्यकर्ता की शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई की.
महमूदाबाद पर क्या आरोप?
इससे पहले महिला आयोग के नोटिस में शामिल फेसबुक पोस्ट के मुताबिक महमूदाबाद ने कहा, मुझे खुशी है कि इतने सारे दक्षिणपंथी टिप्पणीकार कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रशंसा कर रहे हैं, लेकिन शायद वे उतनी ही जोर से यह मांग भी कर सकते हैं कि भीड़ हिंसा, मनमाने ढंग से बुलडोजर कार्रवाई और बीजेपी की नफरत भरी राजनीति के शिकार भारतीय नागरिकों की भी रक्षा की जाए.
महिला आयोग ने नोटिस में कहा कि उनकी टिप्पणियों ने भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों को कमतर आंका और सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा दिया. महमूदाबाद ने नोटिस के जवाब में कहा, ऑपरेशन सिंदूर और उसमें शामिल महिला अधिकारियों पर उनके सोशल मीडिया पोस्ट महिला विरोधी नहीं थे.

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