
'ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मिसाल बनेगा', स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
AajTak
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले को कायराना और पूरी तरह अमानवीय बताया. उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को निर्णायक तरीके और अडिग संकल्प के साथ अंजाम दिया गया. इसने साबित कर दिया कि हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार हैं.”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक मिसाल के रूप में याद किया जाएगा.
गुरुवार को दिए अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले को कायराना और पूरी तरह अमानवीय बताया. उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को निर्णायक तरीके और अडिग संकल्प के साथ अंजाम दिया गया. इसने साबित कर दिया कि हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार हैं.”
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह अभियान मानवता की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इतिहास में दर्ज होगा और पहलगाम हमले के बाद देश ने एकजुट होकर जवाब दिया, जो उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया थी जो हमें बांटना चाहते थे.
उन्होंने कहा, “दुनिया ने यह नोट किया है कि भारत आक्रामक नहीं होगा, लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा के लिए प्रतिकार करने में कभी हिचकेगा नहीं.”
राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत मिशन का टेस्ट केस बताते हुए कहा, “इसका परिणाम साबित करता है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.”
'युवाओं के लिए तेजी से बढ़ रहे रोजगार के अवसर'

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







