
ऑक्सीजन घट जाएगी, पानी में जहर घुला होगा, ऐसे आएगा छठा महाविनाश, वैज्ञानिकों ने बताया समय
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लगभग 65 मिलियन साल पहले आखिरी प्रलय आई थी, जब धरती से डायनासोर खत्म हो गए. इसे 5वां सामूहिक विनाश कहा गया. अब वैज्ञानिक डरे हुए हैं कि जल्द ही 6वीं प्रलय भी आएगी, जिसमें कई स्पीशीज समेत इंसानों का भी खात्मा हो सकता है. ये विनाश हवा और पानी में ऑक्सीजन की कमी से होगा.
प्रलय, कयामत, या सामूहिक विनाश- जब एक साथ पूरी की पूरी प्रजाति धरती से गायब हो जाती है, इसे समझने की शुरुआत हम पहले विनाश से करते हैं. लगभग 443 मिलियन साल पहले पहला प्रलय आया था. इसे एंड-ऑर्डोविसियन कहा गया. इस दौरान धरती पर जितना पानी था, सब बर्फ में बदलने लगा. समुद्र और उससे बाहर ठंड से जीव मरने लगे. इस दौरान लगभग 86 प्रजातियां खत्म हो गईं. जो बाकी रहीं, उन्होंने नए क्लाइमेट के अनुसार खुद को ढाल लिया था. साल 2017 के करंट बायलॉजी जर्नल में इस बारे में विस्तार से बताया गया है.
दूसरी बार प्रलय लगभग 359 से 380 मिलियन साल पहले आई. एकदम पक्का अंदाजा वैज्ञानिकों को भी नहीं है. इसे एंड डेवोनियन कहा गया. धरती पर ज्वालामुखियों के अचानक एक्टिव होने से ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगा, और स्पीशीज खत्म होने लगीं. ये इतना भयानक था कि तब मौजूद 75 प्रतिशत से ज्यादा प्रजातियां खत्म हो गईं. इस दौरान कई मछलियां और कोरल खत्म हुए. दिलचस्प ये रहा कि छोटे कद और वजन वाली स्पीशीज जैसे टेट्रापॉड बच गईं. यहीं से एंफिबियन, रेप्टाइल और मैमल का बंटवारा शुरू हुआ.
अब बात करते हैं तीसरी प्रलय की, जिसे एंड पर्मिअन कहते हैं. लगभग 251 मिलियन साल पहले हुए इस सामूहिक विनाश के जिम्मेदार साइबेरिया के ज्वालामुखी थे. वे फटने लगे. समुद्र और हवा में जहर और एसिड फैलने लगा. यहां तक कि ओजोन की परत भी फट गई. इससे खतरनाक यूवी किरणें निकलीं. इसी दौरान निकले रेडिएशन से जंगल से जंगल जलकर खत्म हो गए. इस दौर को चारकोल गैप भी कहा जाता है. तब फंगस के अलावा ज्यादातर प्रजातियां खत्म हो गईं.
लगभग 210 मिलियन साल पहले चौथी बार धरती पर तांडव मचा, जिसे एंड ट्रिएसिक दौर कहा गया. इस बार भी ज्वालामुखी फटे, लेकिन साइबेरिया में नहीं, बल्कि धरती की बाकी जगहों पर. इस विनाश में भी तब मौजूद लगभग 80 प्रजातियां खत्म हो गईं. बचे तो डायनासोर और क्रोकोडाइल के पूर्वज, जिन्हें क्रोकोडिलोमार्फ्स नाम दिया गया.
आखिरी और पांचवा सामूहिक विनाश एंड क्रिटेशिअस कहलाया. ये वही समय है, जब डायनासोर धरती से गायब हो गए. लगभग 65.5 मिलियन साल पहले आए इस प्रलय के थ्योरी पर लंबे समय से बहस चल रही है कि आखिर इसकी वजह क्या थी. इस दौरान एक एस्टेरॉयड धरती से टकराया, ये बात सभी मानते हैं, लेकिन क्या उसके टकराने-भर से ऑक्सीजन खत्म हो गई? क्या उसकी वजह से डायनासोर जैसी मजबूत प्रजाति खत्म हो गई?
वजहों पर बहस के बीच ये बात भी सबने मानी कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ा और ऑक्सीजन का स्तर एकदम नीचे चला गया. इस दौरान 76 प्रजातियां मर गईं.

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