
'ऐसा हमला करेंगे कि...' ट्रंप की धमकी पर भड़का ईरान! विदेश मंत्री अरागची ने अमेरिका को चेताया
AajTak
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार हमलों की धमकी देते रहे हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि ईरान अगर यूरेनियम संवर्धन नहीं रोकता तो अमेरिका उस पर दोबारा हमले कर सकता है. ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
ईरान ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा है कि अगर आने वाले समय में अमेरिका या इजरायल उसके परमाणु ठिकानों पर कोई और हमला करते हैं तो वो बड़े पैमाने पर जवाबी हमला करेगा. सोमवार को इरानी विदेश मंत्री ने यह धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के जवाब में दी जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने फिर से अपनी परमाणु गतिविधियां शुरू की तो उसके परमाणु प्रोग्राम का अंत कर दिया जाएगा.
ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने एक्स पर एक लंबे-चौड़े पोस्ट में कहा, ' अगर दोबारा आक्रमण किया जाता है तो हम बड़े पैमाने पर जवाबी हमले करने में संकोच नहीं करेंगे और ऐसा हमला करेंगे कि उसे छिपाना असंभव होगा.'
अरागची ने कहा कि ईरान कभी भी धमकी और डर को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि ईरान के लोग कभी भी किसी विदेशी के सामने नहीं झुके हैं और अगर सम्मान के साथ बात किया जाए, तभी वो प्रतिक्रया देते हैं.
ईरानी विदेश मंत्री का कहना है कि परमाणु बिजली ईरान की जरूरत है जिसे किसी दूसरे देश के कहने पर नहीं रोका जाएगा.
अरागची ने कहा, 'ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हाल ही में हुई गैरकानूनी बमबारी ने वही साबित कर दिया है जो हम हमेशा से कहते आए हैं कि इसका कोई सैन्य समाधान नहीं है. अगर हमारे परमाणु प्रोग्राम को लेकर कोई संदेह है तो बातचीत का रास्ता कारगर साबित हो सकता है.
उन्होंने आगे कहा, 'सभी को पता होना चाहिए कि हम ईरानियों ने अपना शांतिपूर्ण परमाणु प्रोग्राम खरीदा नहीं है, हमने इसे खून, पसीने और आंसुओं से बनाया है. हमारे विशाल मानव संसाधनों ने जो तकनीक और जानकारी विकसित की है, उसे बमबारी से बर्बाद नहीं किया जा सकता. हां, हमारी संवर्धन सुविधाओं को भारी नुकसान पहुचा है, लेकिन हमारे दृढ़ संकल्प को नहीं.'

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







