
ऐसा जुगाड़ देख फेल हो जाएंगे बड़े-बड़े इंजीनियर, गर्मी से बचने के लिए सिर पर लगा लिया पंखा
AajTak
लखीमपुर खीरी में एक बुजुर्ग ने गर्मी से बचने को जो तरीका अपनाया है अब वो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. बुजुर्ग ने अपने सिर पर ही सोलर से चलने वाला पंखा लगा लिया जिससे गर्मी मेंं भी उन्हें ठंडी-ठंडी हवा मिलती रहती है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रहने वाले 77 साल के लल्लूराम इन दिनों सुर्खियों में हैं. लल्लूराम ने गर्मी से बचने का ऐसा जुगाड़ निकाला है जिसकी वजह से अब वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं. दरअसल उन्होंने अपने सिर पर ही सोलर पैनल और उससे चलने वाला एक पंखा लगा लिया है ताकि वो गर्मी से राहत पा सकें.
77 साल के लल्लूराम ने प्लास्टिक की कैप के ऊपर सोलर पैनल लगा लिया और उसके साथ चेहरे की ओर एक पंखा भी सेट कर लिया. लल्लूराम दुकान-दुकान जा कर नींबू और फूल माला बेचते हैं और पिछले दिनों ज्यादा गर्मी की वजह से उन्हें लू लग गई थी.
इससे उनकी तबीयत खराब हो गई थी और वह घर से निकल कर दुकानों पर नींबू और फूल माला नहीं पहुंचा पा रहे थे. इससे उनके परिवार की हालत दयनीय हो गई थी. बाद में जब उनकी तबीयत सही हुई तो उन्होंने गर्मी से बचने के लिए एक जुगाड़ ढूंढ निकाला.
अब लल्लूराम जब शहर में सड़कों पर जुगाड़ वाला पंखा लगा कर निकलते हैं तो राह चलते लोग उनके साथ सेल्फी लेने लगते हैं. इस जुगाड़ को लेकर लल्लूराम कहते हैं कि बहुत छोटा धंधा है, हम नींबू माला बेचते हैं.
उन्होंने कहा, 'उसी से बच्चों का पेट पालते हैं. हम बीच में बीमार पड़ गए थे तो हमने यह सामान उधार लेकर बनाया है. इसमें पीछे सोलर प्लेट और आगे पंखा है. जब हम धूप में चलते हैं तो इससे बहुत राहत मिलती है.'

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







