
एनबीडीएसए ने ‘मीडिया ट्रायल’ बताते हुए ज़ी समेत कई चैनलों से उमर ख़ालिद के वीडियो हटाने को कहा
The Wire
न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने इस सप्ताह की शुरुआत में दिए गए चार आदेशों में ज़ी न्यूज़, ज़ी हिंदुस्तान, इंडिया टीवी, आज तक और न्यूज़18 के दिल्ली दंगों, किसान आंदोलन, मुस्लिम आबादी और 'थूक जिहाद' संबंधी प्रसारणों को ग़लत बताते हुए इनके वीडियो हटाने का निर्देश दिया है.
नई दिल्ली: न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने सोमवार, 13 जून को मीडिया प्रसारणों से संबंधित चार आदेश जारी किए हैं. Last year, @cjpindia , @OfficialSauravD and me had filed this case against Zee’s never-ending Islamophobia. Today, NBDSA delivered a slap on the wrist penalty that barely undoes the damage that this show has caused. https://t.co/i0KIGiDgC6
रिपोर्ट के अनुसार, जिनमें ज़ी न्यूज़, ज़ी हिंदुस्तान, इंडिया टीवी, आज तक और न्यूज़18 के कुछ प्रसारणों को गलत जानकारी देने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के चलते तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया. — Jeet (@IndraJeet_G) June 14, 2022
पूर्व में न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीएसए) के रूप में जाना जाने वाला एनबीडीएसए निजी टीवी चैनलों का एक स्व-नियामक निकाय है, जिसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके सीकरी है. एनबीडीएसए का गठन प्रसारण के बारे में शिकायतों पर विचार करने और निर्णय लेने के लिए बनाया गया था और इसके आदेश उन सभी चैनलों पर लागू होते हैं जो न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) के सदस्य हैं.
मीडिया निकाय ने पहले ज़ी न्यूज़ के खिलाफ आदेश जारी किया था, जिसमें एक वीडियो को हटाने का निर्देश दिया गया था, जिसमें जो किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे, उन्हें ‘खालिस्तानी’ कहा गया था. एनबीडीएसए द्वारा जारी आदेशों की पूरी सूची यहां देखी जा सकती है.

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वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?

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