
'एक बार आप GST देख लो...', पीएम मोदी के एक फोन कॉल से हुई 8 साल में सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म की शुरुआत
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केंद्र सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए जीएसटी में सुधार किए हैं. अब रोजमर्रा की जरूरतों के सामान टैक्स फ्री कर दिए गए हैं. साथ ही बीमा से लेकर 30 से ज्यादा लाइफ सेविंग दवाओं पर जीएसटी रेट जीरो कर दी गई है. ये सुधार 22 सितंबर से लागू होंगे, जिसके बाद इन वस्तुओं की कीमतें कम हो जाएंगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी काउंसिल ने टैक्स सुधार करते हुए आम आदमी को बड़ी राहत दी है. अब चार स्लैब्स की जगह सिर्फ पांच और 18 फीसदी के दो ही जीएसटी स्लैब्स होंगे. साथ ही जरूरी सामानों को टैक्स फ्री कर दिया गया है. पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री को एक हल्का सा इशारे देते हुए कहा था, 'एक बार आप जीएसटी देख लो!'. इसी के बाद टैक्स सिस्टम में बदलाव की बड़ी कवायद की शुरुआत हुई थी, जिसका नतीजा अब सबके सामने है.
'जीएसटी पर कर रही हैं न काम?'
सीतारमण, जिन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर मौजूदा चार जीएसटी स्लैब्स से आने वाली चुनौतियों से जुड़े मुद्दों की पहचान करने का काम शुरू किया था. उन्हें प्रधानमंत्री ने एक बार फिर याद दिलाया जब वह वित्त वर्ष 2025-26 का बजट तैयार कर रही थीं. पीएम मोदी ने पूछा था, 'आप जीएसटी के ऊपर कर रही हैं न काम?' प्रधानमंत्री के साथ चर्चा के बाद सीतारमण ने जीएसटी से संबंधित सभी चीजों की समीक्षा पर काम शुरू कर दिया. न सिर्फ टैक्स रेट और टैक्स स्लैब, बल्कि इस सिस्टम को व्यवसायों, विशेषकर छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए ज्यादा अनुकूल बनाने पर जोर था.
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पीटीआई के साथ इंटरव्यू में वित्त मंत्री सीतारमण ने इस दिशा में किए गए कामों को याद किया. इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बदलाव से लेकर यह सुनिश्चित करने तक कि बैकएंड सॉफ्टवेयर बड़े पैमाने पर बदलाव को लागू करने के लिए तैयार है.
'रेट पर इतना कन्फ्यूजन क्यों है?'

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