
एक नहीं पांच हैं शिव के रूप... महाशिवरात्रि से पहले जानें शिवपूजा में पांच का क्या महत्व है
AajTak
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवजी की पूजा के पांच महत्वपूर्ण तत्वों और उनके पंचमुखी सदाशिव स्वरूप की गूढ़ता को समझना जरूरी है. शिवजी केवल विनाश के देवता नहीं हैं, बल्कि वे सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोधान और अनुग्रह की पांच शक्तियों के स्वामी हैं.
शिवरात्रि आ रही है. भगवान शिव की पूजा का सबसे बड़ा दिन होने के कारण इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है. इसके लिए फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पंचांग में तय है. इस दिन शिवजी की पूजा पांच पदार्थों से की जाती है. उनकी पूजा में दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से अभिषेक करना बहुत ही पवित्र माना जाता है. उनका प्रमुख और आसान मंत्र 'ओम नमः शिवाय' भी पांच अक्षरों से मिलकर बना है. यानी 'शिव तत्व' में कहीं भी बारीकी से नजर डालें तो पांच की संख्या आपको हर जगह नजर आएगी. शिवपूजन में इस पांच का क्या महत्व है? ये बहुत आम सवाल है.
भारत में ऋतुओं के हिसाब से देखें तो माघ और फागुन (फाल्गुन) का महीना वसंत ऋतु का होता है. माना जाता है कि ये संसार वसंत ऋतु में ही बना. इसी ऋतु में इसे सारी सुंदरता मिली और इसी ऋतु में संसार खूब फल-फूला. ब्रह्माजी ने संसार बनाया, देवी सरस्वती ने इसे आवाज दी, भगवान विष्णु ने लक्ष्मी से कहा कि इस संसार को हर तरह के खजाने का भंडार बना दो. हर तरह के इंतजाम होने के बाद शिवजी का नंबर आता है. शिवजी जिन्हें हम और आप सिर्फ विनाश का देवता जानते हैं.
लेकिन ऐसा असल में नहीं है. शिव सिर्फ विनाश नहीं करते हैं. विनाश से पहले वह उन पांच कामों को भी कर रहे होते हैं, जिनके लिए हमने ऊपर पांच अलग-अलग देवी देवताओं के नाम लिए. यानी शिव ही ब्रह्म बनकर पहले इस सृष्टि को बनाते हैं. फिर शिव ही इस संसार को आवाज देते हैं. भगवान विष्णु बनकर पालन करते हैं और संसार की हर तरह की संपदा और संपत्ति भी शिव ही बन जाते हैं.
यही वजह है कि शिव आसानी से उन पांच तत्वों के स्वरूप बन जाते हैं, जिनसे ये दुनिया बनी है. धरती, आकाश, हवा, पानी और आग. पूरी दुनिया में यही पांच तत्व हैं और इनसे कुछ भी अलग नहीं है. किताबों में और आम बातचीत में भी यही बताया जाता है, ब्रह्मा सृष्टि करते हैं, विष्णु पालन करते हैं और शिव संहार, लेकिन शैव परंपरा में शिव की कहानी इससे कहीं आगे जाती है.
सृष्टि से लेकर मोक्ष तक की पूरी जिम्मेदारी खुद भगवान शिव के पास है. यानी वे सिर्फ तोड़ते नहीं, बल्कि बनाते भी हैं, संभालते भी हैं और मुक्त भी करते हैं. इसलिए शिव की पांच बड़ी शक्तियां मानी गई हैं.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंदरों से परेशान किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है. गांव के कुछ किसान भालू का वेश पहनकर खेतों में घूम रहे हैं, ताकि बंदर डरकर फसलों से दूर भाग जाएं. इस जुगाड़ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हैरानी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया की सख्त और रहस्यमयी राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा बार-बार नजर आ रहा है.किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए. मिसाइल परीक्षण हो, सैन्य परेड हो या हथियार फैक्ट्री का दौरा, वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे रही हैं. उनकी लगातार मौजूदगी ने दुनिया भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को देश का अगला नेता बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से इंसानों को उलझाता रहा है. धर्म, दर्शन और विज्ञान-सबने अपने-अपने तरीके से इसका जवाब खोजने की कोशिश की है, लेकिन आज भी यह रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्केच वायरल हो रहा है, जिसे एक शख्स ने मौत के करीब पहुंचने के अनुभव के बाद बनाया. इस चित्र में उसने ब्रह्मांड और चेतना के संबंध को एक नक्शे की तरह दिखाने की कोशिश की है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.

Aaj 16 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 16 मार्च 2026, दिन- सोमवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, द्वादशी तिथि सुबह 09.40 बजे तक फिर त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में शाम 18.14 बजे तक फिर कुंभ में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.06 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक, राहुकाल- सुबह 8 बजे से सुबह 09.30 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.









