'एक दो तीन चार, देश का नेता KCR...', तेलंगाना CM की रैली में हिंदी में लगे नारे, दिल्ली कूच की तैयारी!
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बीजेपी के ऐलान के साथ ही 2024 की सत्ता के लिए विपक्ष का भी संघर्ष शुरु हो चुका है. 2024 के सियासी संग्राम के लिए सत्ता और विपक्षी खेमे चुनावी युद्ध की तैयारियों में जुट गए हैं. इसी मोर्चेबंदी की तस्वीर तेलंगाना के खम्मम से आई. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने खुद को बीजेपी को चैलेंज देने वाली एक राष्ट्रीय शक्ति के तौर पर पेश करने के लिए रैली का आयोजन किया.
बीजेपी ने दो दिन चले अपनी पार्टी के मंथन के बाद ऐलान कर दिया है कि एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आएगी. मगर विपक्ष पशोपेश में है. एक तरफ राहुल गांधी बीजेपी को हराने के लिए भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर केसीआर कई विपक्षी दलों को एक मंच पर लाकर रैली की. जिसमें हिंदी में नारों गूंज जमकर सुनाई दी. केसीआर का इरादा बता रहा है कि वो तीसरे मोर्चे की नींव रख रहे हैं, जिसमें कांग्रेस नहीं है. ममता बनर्जी और नीतीश कुमार भी फिलहाल खामोश हैं. जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि बीजेपी के खिलाफ क्या विपक्ष एकजुट होगा.
दरअसल, बीजेपी के ऐलान के साथ ही 2024 की सत्ता के लिए विपक्ष का भी संघर्ष शुरु हो चुका है. 2024 के सियासी संग्राम के लिए सत्ता और विपक्षी खेमे चुनावी युद्ध की तैयारियों में जुट गए हैं. इसी मोर्चेबंदी की तस्वीर तेलंगाना के खम्मम से आई. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने खुद को बीजेपी को चैलेंज देने वाली एक राष्ट्रीय शक्ति के तौर पर पेश करने के लिए रैली का आयोजन किया. इस रैली में उन्होंने समान सोच रखने वाले दलों के चुनिंदा नेताओं को बुलाया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा सीपीआई के डी राजा उनके बुलावे पर हैदराबाद पहुंचे.
केसीआर समेत इन सभी नेताओं ने यदाद्री मंदिर में दर्शन किया. 1200 करोड़ रुपए खर्च कर केसीआर सरकार ने इसका कायापलट किया है. इसे बीजेपी को चुनौती देने के लिए हिंदू कार्ड के तौर पर भी देखा जा रहा है. यहां से ये नेता खम्मम पहुंचे. ये टीआरएस यानी तेलंगाना राष्ट्र समिति से पार्टी का नाम भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस किए जाने के बाद पहली रैली थी. इसके साथ ही उन्होंने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे कि वो 2024 के लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे. एक मंच पर उन्होंने विपक्ष के कई नेताओं को एकजुट किया. हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि ये विपक्षी एकजुटता को कितना मजबूत करेगी? और 2024 में नरेंद्र मोदी की बीजेपी को कितनी बड़ी चुनौती देगी? ये सवाल इसलिए क्योंकि केसीआर ऐसा मोर्चा बनाने में जुटे हैं जिसका इरादा तो बीजेपी का मुकाबला करना है, लेकिन वो कांग्रेस को मोर्चे से बाहर रखना चाहते हैं.
केंद्र में आने पर किसानों को फ्री बिजली का वादा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बुधवार को खम्मम में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की जनसभा को संबोधित करते हुए जमकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने किसानों को फ्री बिजली देने के वादे के साथ ही केंद्र में बीआरएस प्रस्तावित सरकार बनने पर सेना में भर्ती के लिए शुरू की गई अग्निपथ योजना को भी खत्म करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल 'भारत में मजाक' बन गई है. सभा को संबोधित करते हुए कीसीआर ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद 2024 में केंद्र में 'बीआरएस प्रस्तावित सरकार' सत्ता में आती है तो देश भर के किसानों को मुफ्त बिजली मुहैया कराई जाएगी.
अग्निपथ योजना को खत्म करेंगे- तेलंगाना सीएम

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