
उदयनिधि स्टालिन तक पहुंची इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट की जांच की आंच, NCB कर सकती है पूछताछ!
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2000 हजार करोड़ रुपए के इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट चलाने वाले फिल्म प्रोड्यूसर जफर सादिक को एनसीबी ने गिरफ्तार किया है. पिछले चार महीने से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और दिल्ली पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि उदयनिधि स्टालिन को लाखों रुपए दिए थे.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने फिल्म प्रोड्यूसर जफर सादिक को गिरफ्तार कर लिया है. वो 2000 करोड़ रुपए के इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का संचालन करता रहा है. भारत, ऑस्ट्रेलिया से लेकर न्यूजीलैंड तक उसका काला कारोबार फैला हुआ है. पिछले महीने उसके सिडिंकेट के तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसके नाम खुलासा हुआ था. उसके बाद दक्षिण भारत के प्रमुख राजनीतिक दल द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी डीएमके ने उसे अपनी पार्टी से बाहर कर दिया. वो पिछले तीन साल से इस राजनीतिक दल के साथ जुड़ा था.
एनसीबी द्वारा पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जफर सादिक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सात लाख रुपए दिए थे. इनमें पांच लाख रुपए बाढ़ के वक्त रिलीफ फंड में दिए गए, जबकि दो लाख पार्टी फंड में दिए थे. उसने लाखों रुपए किस सोर्स से अर्जित करके उसने दान किए थे, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम इसकी भी जांच कर रही है. एनसीबी मनी लांड्रिंग की जांच के लिए ईडी को भी खत लिख रही है. जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में पूछताछ के लिए उदयनिधि स्टालिन को भी बुलाया जा सकता है.
सूत्रों के हवाले से यह भी पता चला है कि जफर सादिक तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के साथ राज्यसभा सांसद एमएम अब्दुल्ला और चेन्नई पश्चिम के पार्टी सचिव एन चित्ररासु के साथ कई डीएमके नेताओं के काफी करीबी है. इस ड्रग्स रैकेट के खुलासे के बाद बीजेपी ने सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ हमला बोल दिया है. तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख के अन्नामलाई ने कहा, ''इंटरनेशनल ड्रग लॉर्ड जफर सादिक को गिरफ्तार कर लिया गया है. पिछले तीन वर्षों में कई डीएमके नेताओं के करीब रहा सादिक कैसे मनी लॉन्ड्रिंग काम करता था, ये समझना जरूरी है.''
के अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु बीजेपी ईडी से इस केस की गहराई से जांच करने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करती है कि जफर सादिक के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए. डीएमके शासन में तमिलनाडु में ड्रग्स के मुक्त प्रवाह को रोका जाए. एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि सादिक के तमिल और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गहरे संबंध मिले हैं. कई हाई प्रोफाइल लोगों के साथ संबंध के अलावा पॉलिटिकल फंडिंग के कुछ मामले भी एजेंसी की जांच के दायरे में हैं. इस मामले संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा. ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा, "एनसीबी निष्पक्ष और वैध जांच करने में विश्वास करती है. एक अपराधी की कोई जाति, धर्म या राजनीतिक पार्टी नहीं होती है. जो कोई भी एनडीपीएस कानून का उल्लंघन करता है वो अपराधी है. हम ऐसी किसी भी मामले की जांच करेंगे." उनसे जब पूछा गया कि क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति भी एजेंसी की जांच के दायरे में है तो उन्होंने कहा, ''हम इस मामले में ड्रग मनी ट्रेल की गहनता से जांच करेंगे.'' उन्होंने कहा कि सादिक का असली नाम जफर सादिक अब्दुल रहमान है. फरवरी में एनसीबी के दिल्ली में छापे के तुरंत बाद वो फरार हो गया था.
एनसीबी द्वारा पकड़े जाने से पहले वो चेन्नई से तिरुवनंतपुरम, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और जयपुर लगातार यात्रा कर रहा था. लेकिन खुफिया जानकारी के आधार पर उसे दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया. वो भारत से ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मलेशिया में फैले एक इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का "मास्टरमाइंड और किंगपिन" है. पूछताछ के दौरान सादिक ने एनसीबी को बताया कि वो डीएमके की एनआरआई शाखा का चेन्नई पश्चिम उप आयोजक था. पिछले महीने ड्रग्स रैकेट में उसका नाम आने के बाद सत्तारूढ़ द्रमुक ने उसे अपनी पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

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