ईस्टर्न एयरलाइन फ्लाइट 66 की खौफनाक कहानी, जब तेज तूफान और भारी बारिश के बाद गिरी बिजली
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इस विमान हादसे के वक्त ऐसा खौफनाक मंजर था, जैसा किसी ने सोचा भी नहीं होगा. एक छोटी सी लापरवाही ने 113 लोगों की जान ले ली. ये तब इतिहास का सबसे बड़ा हादसा था.
दुनिया में तमाम तरह के विमान हादसे हुए हैं, ऐसे ही हादसों में ईस्टर्न एयरलाइंस फ्लाइट संख्या 66 के साथ हुई दुर्घटना भी शामिल है. विमान उस वक्त अमेरिका के न्यू ऑर्लिन्स से न्यूयॉर्क की तरफ उड़ान भर रहा था. दिन था 24 जून, 1975. आज ही के दिन, 48 साल पहले हुए इस हादसे में 113 लोगों की मौत हो गई. विमान में 124 यात्री और 7 क्रू के सदस्य सवार थे. विमान अपनी दिशा में सही जा रहा था लेकिन जो एक बड़ी गलती हुई, वो थी मौसम का मिजाज न जानने की. इसे लेकर सतर्कता नहीं बरती गई. विमान को तेज तूफान और भारी बारिश का सामना करना पड़ा था.
उसके कैप्टन रॉबर्ट लोफ्ट जब मौसम के बारे में कुछ बोल ही रहे थे, तभी विमान पर बिजली गिर गई. इससे उसके तीन इंजनों में से दो ने अपनी पावर पूरी तरह खो दी. क्रू एक इंजन को रीस्टार्ट करने में कामियाब रही. लेकिन फिर विमान के ऑटोपायलट सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया. इससे विमान तेजी से नीचे की तरफ जाने लगा. कैप्टन ने विमान को लैंड कराने की कोशिश की लेकिन उस पर से पावर और कंट्रोल दोनों खो चुका था. विमान क्रैश हो गया. हादसे के पीछे की एक वजह में कहा गया कि एयरपोर्ट और फ्लाइट का क्रू खराब मौसम की पहचान करने में विफल रहा है.
हादसे के बाद हुए कई सुधार
इस हादसे के बाद विमान के डिजाइन्स में कुछ खास तरह के बदलाव किए गए. उसके इलेक्ट्रिकल सिस्टम की ठीक से जांच होने लगी. इसके साथ ही मौसम का अनुमान लगाने के तरीकों, एयर ट्रैफिर कंट्रोलर और पायलट के बीच बातचीत के तरीकों में भी सुधार किया गया. हालांकि ये विमान हादसा सबसे भयानक हादसों में आज भी शामिल है. जब ये हादसा हुआ था, तब अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा विमान हादसा था. हालांकि तीन साल बाद यानी साल 1978 में पैसिफिक साउथवेस्ट एयरलाइंस फ्लाइट संख्या 182 क्रैश हो गई. इसकी एक अन्य विमान से जोरदार टक्कर हुई थी. इस हादसे में 144 लोगों की मौत हो गई थी.

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