
'इस तरह की राजनीति ठीक नहीं', ED की रेड के बाद बंगाल के मंत्री सुजीत बोस ने BJP पर साधा निशाना
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पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस ने ईडी अधिकारियों के जाने के बाद अपने आवास के बाहर एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया. बोस ने कहा कि जो बीजेपी नेता उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि वे खुद शीशे के घरों में रहते हैं.
पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता सुजीत बोस ने नागरिक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रेड पर कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई भ्रष्टाचार साबित कर सके तो वह इस्तीफा दे देंगे. ईडी अधिकारियों के जाने के बाद अपने आवास के बाहर एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए बोस ने कहा कि जो बीजेपी नेता उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि वे खुद शीशे के घरों में रहते हैं.
दरअसल, ईडी ने शुक्रवार को सुबह-सुबह मंत्री सुजीत बोस और विधायक तापस रॉय के आवासों पर रेड मारी. कई घंटों की रेड के बाद देर शाम अधिकारी कुछ कागजातों को लेकर रवाना हो गए. पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग नेताओं पर लगातार हो रही रेड को लेकर अब टीएमसी बीजेपी पर निशाना साधा रही है.
प्रेस कांफ्रेस में सुजीत बोस ने कहा कि मेरा फोन ईडी ने जब्त किया है. यह मेरे लिए उत्पीड़न है. मैं पूछूंगा कि कौन यह करवा रहा है. इस तरह की राजनीति ठीक नहीं है. मैं सुवेंदु अधिकारी से कहूंगा कि जो यह प्रतिशोध की राजनीति कर रहे हैं कृपया अपना चेहरा आईने में देखें. मैं चोर नहीं हूं. हम लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे. मेरे कुछ कागजात जब्त कर लिए गए हैं. अगर वे मुझे दोबारा पेश होने के लिए कहेंगे तो मैं जाऊंगा.
उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है. जब चुनाव आता है तो वे हमें नीचा दिखाने के लिए ईडी, सीबीआई नोटिस देते हैं, लेकिन हम मजबूत हैं. इस तरह की राजनीति हमने सीपीआईएम के समय में भी देखी है. हम दलाल नहीं हैं. ईडी, सीबीआई के अधिकारी ये काम बिल्कुल नहीं कर रहे हैं. ये बीजेपी का प्रतिशोध है. ईडी ने मुझसे जो भी पूछा मैंने जवाब दिया है.
मैं किसी घोटाले से नहीं जुड़ हूं: तापस रॉय
वहीं विधायक तापस रॉय ने कहा कि मैं किसी घोटाले से जुड़ा नहीं हूं. ईडी ने ज्यादा सवाल नहीं पूछे हैं. वे यहां कुछ दस्तावेजों की जांच के लिए आए थे. उन्होंने मेरा मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. वहां कुछ दस्तावेज थे जो उन्हें प्रासंगिक लगे. मेरे आवास में बहुत सारे कागजात और दस्तावेज हैं. वे हर चीज देख चुके हैं. मैंने उनकी जरूरत के मुताबिक उन्हें सहयोग किया है.

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