
इजरायल ने 12 मासूमों की मौत के बाद लेबनान पर किया बड़ा अटैक, IDF का दावा- हमले में हिजबुल्ला कमांडर की मौत
AajTak
इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने एक बयान में कहा कि आईडीएफ ने मजदल शम्स में बच्चों की हत्या और कई अन्य इजरायली नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार कमांडर पर बेरूत में टारगेटेड अटैक किया. हमले के बाद IDF इजरायल में नागरिक सुरक्षा के लिए कोई नया निर्देश जारी नहीं किया है.
इजरायल गाजा में हमास के अलावा लेबनान में हिजबुल्लाह से भी जंग लड़ रहा है. इजरायली सेना ने मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर के खिलाफ हमला किया. IDF ने इस अटैक के पीछे तर्क दिया कि हिजबुल्लाह कमांडर गोलान हाइट्स में हमले के लिए जिम्मेदार था. इस अटैक में 12 इजरायली बच्चे मारे गए थे. एक इज़रायली अधिकारी ने कहा कि निशाना फौद शुकुर था, जो हिज़्बुल्लाह का एक शीर्ष सैन्य कमांडर है, जिस पर अमेरिका लेबनान की राजधानी में 1983 में हुए घातक मरीन बम विस्फोट की योजना बनाने और उसे शुरू करने का आरोप है. अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शुकुर पर इज़रायली नागरिकों को मारने वाले अन्य हमलों का भी संदेह है. इजरायल के हमले में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 74 लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं, रायटर के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के गढ़ में जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई और धुएं का गुबार उठता देखा गया.
इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने एक बयान में कहा कि आईडीएफ ने मजदल शम्स में बच्चों की हत्या और कई अन्य इजरायली नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार कमांडर पर बेरूत में टारगेटेड अटैक किया. हमले के बाद IDF इजरायल में नागरिक सुरक्षा के लिए कोई नया निर्देश जारी नहीं किया है.
लेबनान के प्रधानमंत्री ने की हमले की निंदा
लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने कहा कि हम बेरूत में इजरायली हमले की निंदा करते हैं और इसे आक्रामक कार्रवाइयों की सीरीज की एक कड़ी मानते हैं. लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने घोषणा की कि लेबनान (संयुक्त राष्ट्र) सुरक्षा परिषद को एक विस्तृत पत्र में इजरायली आरोपों का जवाब देगा. वहीं, लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने कहा कि इजरायली हमले ने राजधानी के हरेत हरेक इलाके में हिजबुल्लाह की शूरा काउंसिल के आसपास के इलाके को निशाना बनाया. बेरूत में इजरायली कब्जे वाले गोलान हाइट्स में मजदल शम्स के ड्रूज गांव पर हमले के जवाब में इजरायली हमले की आशंका के चलते कई दिनों से तनाव बना हुआ है, जिसमें एक दर्जन युवा मारे गए थे. इजरायल और अमेरिका ने इस हमले के लिए हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, हिजबुल्लाह ने जिम्मेदारी से इनकार किया है.
नेतन्याहू ने किया देश की सुरक्षा का आकलन IDF के अटैक के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू देश की सुरक्षा का आकलन कर रहे हैं. इस मीटिंग में रक्षा मंत्री, सामरिक मामलों के मंत्री, IDF चीफ-ऑफ-स्टाफ, मोसाद के निदेशक, आईएसए के निदेशक, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निदेशक, प्रधानमंत्री के चीफ-ऑफ-स्टाफ, प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव, कैबिनेट सचिव, आईडीएफ खुफिया प्रमुख, आईडीएफ संचालन प्रमुख, आईडीएफ रणनीति निदेशालय के प्रमुख भाग ले रहे हैं.
नेतन्याहू ने दी थी भारी कीमत चुकाने की चेतावनी इजरायल के कब्ज़े वाले क्षेत्र गोलान में हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपना अमेरिका दौरे बीच में ही छोड़कर लौट आए थे. उन्होंने आते ही हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए तेल अवीव में सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह पर बड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया और इसके साथ ही उसको भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी थी.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.








