
इंग्लैंड ने 'बैजबॉल' छोड़ा तो टीम इंडिया ने लपक लिया... और हाथ से छूट गया लॉर्ड्स टेस्ट!
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क्रिकेट का 'मक्का' कहे जाने वाले लॉर्डस के ऐतिहासिक मैदान पर भारत-इंग्लैंड के बीच शानदार टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले में टीम इंडिया को भले ही 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा हो. लेकिन इस मैच में पारंपरिक टेस्ट की झलक देखने को मिली.
क्रिकेट का 'मक्का' कहे जाने वाले लॉर्डस के ऐतिहासिक मैदान पर भारत-इंग्लैंड के बीच शानदार टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले में टीम इंडिया को भले ही 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा हो. लेकिन इस मैच में पारंपरिक टेस्ट की झलक देखने को मिली. बैजबॉल क्रिकेट (तेजी से रन बनाने की रणनीति, चाहे पिच कैसी भी हो) का तमगा लेकर टेस्ट क्रिकेट को बदलने का दंभ रखने वाले इंग्लैंड के खिलाड़ियों का बल्ला भी खामोश रहा. लेकिन इसके उलट भारत की बल्लेबाजी में बदलाव देखने को मिला. यशस्वी- पंत और बुमराह पर बैजबॉल का खुमार दिखा.
इंग्लैंड को छोड़ना पड़ा बैजबॉल क्रिकेट...
इस मुकाबले में इंग्लैंड के बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना सके. पहली पारी में ओली पोप को 44 रन बनाने के लिए 100 से ज्यादा गेंदें खेलनी पड़ी. रूट ने भी 199 गेंदों पर शतक बनाया. कप्तान स्टोक्स 110 गेंद में 44 रन बना सके. 112.3 ओवर में इंग्लैंड की टीम केवल 387 रन ही बना सकी. इंग्लैंड ने पहली पारी में 3.44 के रन रेट से रन बनाए.
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दूसरी पारी में और स्लो दिखे अंग्रेज
दूसरी पारी में तो इंग्लैंड की कलई ही खुल गई. कोई भी बल्लेबाज रिस्की शॉट खेलने की जहमत उठाता नहीं दिखा. ये हाल देख भारतीय फील्डर्स ने अंग्रेज बल्लेबाजों को ट्रोल भी किया. गिल ने तो यहां तक कह दिया की कहां गया बैजबॉल? दूसरी पारी में रूट ने 96 गेंद पर 40 रन बनाए. स्टोक्स 96 गेंद पर 33 रन ही बना सके. 62 ओवर में इंग्लैंड 192 रन ही बना सका. इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 3.08 के रन रेट से रन बनाए.यह भी पढ़ें: टॉप ऑर्डर फेल, सिराज का बैडलक और आर्चर की आंधी... इन 5 कारणों में छिपी है लॉर्ड्स में भारत की हार की पूरी कहानी

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












