
'आप हमें फिल्म दिखाने के इच्छुक नहीं लग रहे', केरल स्टोरी-2 के मेकर्स से क्यों नाराज हो गया HC?
ABP News
जज ने सुबह की सुनवाई में रिलीज से पहले कोर्ट के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग करने के लिए कहा, जिस पर मेकर्स सहमत हो गए, लेकिन लंच के बाद मेकर्स ने कहा कि पहले यह तय किया जाए कि याचिका निजी है या पब्लिक.
'केरल स्टोरी-2: गोज बियॉन्ड' की स्क्रीनिंग को लेकर प्रोड्यूसर्स के टालमटोल भरे रवैये पर केरल हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि मेकर्स कोर्ट के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग के इच्छुक नहीं लग रहे हैं. केरल हाईकोर्ट फिल्म को सेंसर मंजूरी दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. इस मामले में तीन याचिकाएं दाखिल हुई हैं.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, जज ने मेकर्स से कहा, 'आप कोर्ट को फिल्म दिखाने के इच्छुक नहीं लग रहे हैं. आप चाहते हैं कि मुद्दे का फैसला इस आधार पर किया जाए कि याचिका निजी है या पब्लिक.' मंगलवार (24 फरवरी, 2026) को हाईकोर्ट जिन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, उनमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट को खारिज करने की मांग की गई है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म में केरल की छवि को खराब किया गया है, जिससे तनाव और असामंजस्य पैदा हो सकता है.
कोर्ट ने सुबह में सुनवाई करते हुए फिल्म को देखने की इच्छा जताई क्योंकि जज याचिकाकर्ता की इन दलीलों से सहमत थे कि मेकर्स का दावा है कि फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है और इसमें राज्य के नाम का इस्तेमाल किया गया है. उस वक्त मेकर्स ने भी कहा कि वह फिल्म की स्क्रीनिंग कोर्ट के लिए कर सकते हैं. दोपहर में लंच के बाद जब फिर से सुनवाई हुई तो मेकर्स के वकील एस श्रीकुमार ने कहा कि पहले कोर्ट यह तय करे कि याचिका निजी है या पब्लिक है. इस पर जज ने कहा कि मेकर्स कोर्ट के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग के इच्छुक नजर नहीं आ रहे हैं.
कोर्ट ने कहा कि वह बुधवार को मामले में फिर से सुनवाई करेगा और तब वह तय करेगा कि 27 फरवरी को निर्धारित रिलीज से पहले फिल्म देखी जाए या नहीं. कोर्ट ने सेंसर बोर्ड से यह भी पूछा कि क्या फिल्म सभी अनिवार्य दिशानिर्देशों का अनुपालन करती है. तीन में से एक याचिका कन्नूर जिले के कन्नवम निवासी श्रीदेव नंबूदरी ने दायर की है, जिन्होंने पिछले सप्ताह दायर रिट याचिका में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को प्रतिवादी बनाया है.

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