
आठ अधिकारियों ने ‘AAP' सरकार पर लगाया उत्पीड़न का आरोप: LG ऑफिस
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दिल्ली में प्रशासनिक अधिकारियों और आप सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में तैनात आठ अधिकारियों ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर ‘घोर उत्पीड़न’ का आरोप लगाते हुए एलजी से शिकायत की है.
दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में तैनात कम से कम आठ अधिकारियों ने अरविंद केजरीवाल की सरकार पर 'उत्पीड़न' करने का आरोप लगाया है. उपराज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों ने शनिवार को यह दावा किया. अधिकारियों के उत्पीड़न के आरोप पर दिल्ली सरकार या आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. उपराज्यपाल (एलजी) कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि इस साल की शुरुआत में दो शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जबकि 6 शिकायतें 11 मई के बाद प्राप्त हुई थीं, जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के हक में फैसला दिया था.
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायतों को देखने के बाद ही आरोपों पर प्रतिक्रिया दी जा सकती है. दिल्ली सरकार पर आरोप लगाने वाले अधिकारियों की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. आप सरकार के खिलाफ शिकायत करने वालों में पांच आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं जिनमें मुख्य सचिव नरेश कुमार, पूर्व सेवा सचिव आशीष मोरे, विशेष सचिव किन्नी सिंह और वाईवीवीजे राजशेखर और ऊर्जा सचिव शूरबीर सिंह शामिल हैं.
भ्रष्टाचार विरोधी शाखा के प्रमुख और आईपीएस अधिकारी मधुर वर्मा, IRS अधिकारी और MCD के गृह कर विभाग में कलेक्टर कुणाल कश्यप, और सेवा विभाग में तैनात उप सचिव अमिताभ जोशी, भी उन अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने शिकायत की है. पंजाब के रहने वाले वर्मा और शूरबीर सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके गृह राज्य में उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है.
अधिकारियों ने बताया कि शूरबीर सिंह ने एलजी कार्यालय को सूचित किया है कि उन्होंने अपने परिवार के उत्पीड़न के खिलाफ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. पंजाब में आप सत्ता में है और राज्य के अधिकारियों की शिकायतों पर उसकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. दिल्ली में नौकरशाहों और सरकार के बीच विवाद तब से बढ़ रहा है जब से सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग आदि की अधिकार सरकार को दिया है.
शीर्ष अदालत के आदेश के कुछ घंटों बाद दिल्ली सरकार ने मोरे को सेवा सचिव के पद से हटा दिया था. दिल्ली के सेवा मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी शुक्रवार को आरोप लगाया था कि मुख्य सचिव (सीएस) कुमार ने 16 मई को उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी. हालांकि, कुमार ने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में दावा किया कि आरोप भारद्वाज द्वारा जानबूझकर लगाए गए हैं क्योंकि वो सेवा विभाग के अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यव्हार से खुद का बचाव करना चाहते हैं.
उपराज्यपाल को की गई एक शिकायत में, पूर्व सेवा सचिव मोरे ने 16 मई को शिकायत की कि भारद्वाज ने कुछ फाइलों को लेकर अपने कार्यालय में 2014 बैच के आईएएस अधिकारी किन्नी सिंह, जो सेवा विभाग में विशेष सचिव हैं, उन्हें धमकाया गया. मोरे ने आरोप लगाया कि मंत्री ने उन्हें एक कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया और जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो भारद्वाज ने उन्हें यह कहते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी कि उनका करियर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया जाएगा.

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