
आज का दिन: समर्थन खोने के बाद भी तीन महीने क्यों PM बने रहेंगे बोरिस जॉनसन
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आजतक रेडियो के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में सुनेंगे - ब्रिटेन में प्रधानमंत्री की रेस में कौन है सबसे आगे? सीएम बनने के बाद एकनाथ शिंदे का पहला दिल्ली दौरा क्यों है ख़ास? 26 साल पुराने किस मामले में राज ठाकरे को हुई है सज़ा और साउथएंपटेन में खेले गए भारत बनाम इंग्लैड में किसके सर रहा जीत का सेहरा?
आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’ जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की खबरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अखबारों की सुर्खियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर जमशेद क़मर सिद्दीक़ी किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं?
1. ब्रिटेन में प्रधानमंत्री रेस में आगे कौन?
जॉनसन को कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा कल. अब पार्टी अगला नेता चुनेगी. तब तक जॉनसन बतौर पीएम देश का कामकाज देखते रहेंगे. कंजरवेटिव पार्टी ही से यूके के प्रधानमंत्री रह चुके जॉन मेजर ने कल कहा कि जब आपने कैबिनेट का, सरकार का और अपनी पार्लियामेंट्री पार्टी का समर्थन खो दिया है, बावज़ूद इसके तीन महीने पीएम बने रहना, ये सही फैसला नहीं है. बहरहाल कौन हैं टॉप थ्री फ्रंट रनर पीएम पद की रेस के, बता रही हैं इंडिया टुडे टीवी की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन
2. शिंदे का पहला दिल्ली दौरा
सीएम बनने के बाद और मन्त्रिमण्डल विस्तार से पहले आज एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली आ रहे हैं, इस दौरान उनकी किन से मुलाकात होगी और जिस तरह से प्रेस कांफ्रेंस के दिन और बाद में शपथ लेने के वक़्त दोनों साझेदार नेताओं, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच… कुछ न कहते हुए जैसे बहुत कुछ कहा जा रहा था, क्या वो अब पाट लिया गया है और अब वो सहयोग दिखने लगा है जो सरकार के लिए ज़रूरी है? बता रहे हैं इंडिया टुडे मैगज़ीन में सीनियर एडिटर किरन डी. तारे
3. राज बब्बर को सज़ा

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

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