
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड लोगों को बना रहा शुगर का मरीज, नेपाल में शुरू हुई रिसर्च बनेगी गेम-चेंजर
ABP News
डायबिटीज की बीमारी से भारत में एक बड़ी आबादी परेशान है. अब नेपाल में इसको लेकर एक बड़ा अभियान शुरू होने वाला है. चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में.
भारत सहित दुनियाभर के तमाम देशों में डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के नेतृत्व में नेपाल में एक अहम स्टडी शुरू होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य यह जानना है कि क्या पारंपरिक खानपान की ओर लौटकर टाइप-2 डायबिटीज को रोका जा सकता है या यहां तक कि उसे उलटा भी जा सकता है. रिसर्चर का कहना है कि प्रोसेस्ड फूड कम करना और हल्का वजन घटाना दक्षिण एशिया के लिए कम लागत वाला प्रभावी समाधान साबित हो सकता है.
टाइप-2 डायबिटीज तेजी से बढ़ रही
दक्षिण एशिया और अन्य निम्न व मध्यम आय वाले देशों में टाइप-2 डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है. एक्सपर्ट अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आधुनिक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ इस बीमारी के फैलाव के पीछे बड़ी वजह हैं. इसी दिशा में ग्लासगो विश्वविद्यालय ने नेपाल के धुलीखेल अस्पताल के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय परियोजना शुरू की है, जिसका नाम CoDIAPREM रखा गया है.
4 साल में निकलेगा निष्कर्ष













