
अमेरिका ने डेडलाइन से पहले ही खाली किया Afghanistan, आज से पूरी तरह तालिबान का राज
Zee News
अफगानिस्तान अब पूरी तरह से तालिबान के हवाले हो गया है. अमेरिकी सैनिक भी मुल्क छोड़कर चले गए हैं. तालिबान ने विदेशी सैनिकों को 31 अगस्त तक का समय दिया था, अमेरिका ने उससे एक दिन पहले ही अपना अभियान खत्म कर दिया. आखिरी यूएस विमान ने सोमवार को काबुल से उड़ान भरी.
वॉशिंगटन: अमेरिका (America) ने तालिबान (Taliban) की डेडलाइन से पहले ही अफगानिस्तान (Afghanistan) छोड़ दिया है. यूएस आर्मी के आखिरी विमान ने सोमवार को काबुल के हामिद करजई एयरपोर्ट से उड़ान भरी. इसके साथ ही अमेरिका की अफगानिस्तान में 20 साल की सैन्य मौजूदगी खत्म हो गई है. तालिबान ने विदेशी सैनिकों को 31 अगस्त तक मुल्क छोड़ने का फरमान सुनाया था. पहले ब्रिटेन ने अपना रेस्क्यू मिशन समाप्त किया और अब अमेरिका एक दिन ही पहले ही अफगानिस्तान से चला गया है. Now our 20-year military presence in Afghanistan has ended. I want to thank our commanders for their execution of the dangerous retrograde from Afghanistan as scheduled in early morning hours of Aug 31, Kabul time with no further loss of American lives: US President Joe Biden काबुल से आखिरी अमेरिकी विमान के उड़ने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा कि अब अफगानिस्तान में हमारी 20 साल की सैन्य उपस्थिति खत्म हो गई है. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अपने कमांडरों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि बिना किसी और अमेरिकी की जान गंवाए उन्होंने अफगानिस्तान से खतरनाक निकासी को पूरा किया’. बाइडेन ने इस ऑपरेशन को सबसे बड़ा अभियान बताते हुए कहा कि पिछले 17 दिनों में हमारे सैनिकों ने अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े एयरलिफ्ट को अंजाम दिया. उन्होंने 1,20,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों और सहयोगियों सुरक्षित निकाला है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



