अमृतसर में 35 यात्रियों को छोड़कर 5 घंटे पहले उड़ गया विमान, एयरलाइन ने दी ये सफाई
AajTak
ताजा मामला अमृतसर के एयरपोर्ट का सामने आया है. जहां विमान 35 यात्रियों को छोड़कर तय समय से पहले ही टेक ऑफ कर गया. जिसके बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा काटा.
देश में पिछले कुछ समय से एयरलाइंस की तमाम लापरवाही सामने आ रही हैं. इसको लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) कई एयरलाइन कंपनी पर कार्रवाई भी कर चुका है. बावजूद इसके इस तरह के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला अमृतसर के एयरपोर्ट का सामने आया है. जहां विमान 35 यात्रियों को छोड़कर तय समय से पहले ही टेक ऑफ कर गया. जिसके बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा काटा. वहीं इस पर एयरलाइन की भी सफाई आई है. जिसमें उन्होंने कहा है कि यात्रियों को मेल भेजकर समय बदलने की सूचना दी गई थी.
दरअसल, स्कूट एयरलाइन कंपनी की फ्लाइट शाम 7.55 अमृतसर से सिंगापुर के लिए रवाना होनी थी, लेकिन फ्लाइट पांच घंटे पहले ही दोपहर तीन बजे टेक ऑफ कर गई. जिसके चलते 35 यात्री एयरपोर्ट पर ही रह गए. जिसके बाद उन्होंने जमकर हंगामा काटा. इस पर एयरलाइन की तरफ से उन्हें बताया गया कि सभी यात्रियों को विमान का समय बदलने से संबंधित ई-मेल भेजा गया था. ई-मेल पढ़कर बहुत सारे यात्री समय से पहुंच गए थे. विमान उन्हें लेकर चला गया.
बता दें कि इससे पहले 10 जनवरी को गो फर्स्ट (Go First) की एक फ्लाइट 50 से ज्यादा यात्रियों को छोड़कर उड़ान चली गई थी. जब फ्लाइट ने उड़ान भरी तो ये यात्री रनवे पर बस में सवार थे. लेकिन फ्लाइट इन्हें छोड़ गई और उड़ान भर गई. यह मामला बेंगलुरु से दिल्ली जा रही गो फर्स्ट फ्लाइट G8116 का था, जब सोमवार सुबह 6.30 बजे बेंगलुरु हवाईअड्डे से रवाना हुई. इस लापरवाही को लेकर DGCA ने गो फर्स्ट से इस पर स्पष्टीकरण मांगा कि उसने लगभग 50 यात्रियों को बस में टरमैक पर क्यों छोड़ दिया? इस जवाब को देने के लिए DGCA ने एयरलाइन कंपनी के COO को दो हफ्तों का समय दिया.
DGCA के नोटिस के बाद एयरलाइन कंपनी गो फर्स्ट ने माफी मांगी थी. गो फर्स्ट ने स्टेटमेंट जारी कर कहा था कि बेंगलुरू से दिल्ली जाने वाली उड़ान G8 116 के सुलह में अनजाने में हुए निरीक्षण के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हम ईमानदारी से क्षमा चाहते हैं. यात्रियों को दिल्ली और अन्य गंतव्यों के लिए वैकल्पिक एयरलाइनों पर समायोजित किया गया.

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








