
अब भारत नहीं... बांग्लादेश को कपास सप्लाई करने में ये देश टॉप पर
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बांग्लादेश ने 2024-25 मार्केटिंग ईयर में कच्चे कपास के आयात में भारत को पछाड़ते हुए ब्राजील को अपना सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना लिया है। USDA की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील ने 19 लाख बेल्स कपास की आपूर्ति की, जबकि भारत 14 लाख बेल्स के साथ दूसरे स्थान पर रहा. इस अमेरिकी रिपोर्ट में रिपोर्ट में बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव और RMG सेक्टर के आर्थिक महत्व का भी उल्लेख है.
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रेडीमेड गारमेंट (RMG) निर्यातक बांग्लादेश ने कच्चे कपास के आयात में भारत को पछाड़ हुए ब्राजील को अपना सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना लिया है. अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 मार्केटिंग ईयर (अगस्त 2024-जुलाई 2025) में ब्राजील बांग्लादेश का सबसे बड़ा कच्चा कपास सप्लायर बन गया है, जबकि दशकों से इस जगह पर काबिज भारत दूसरे नंबर पर खिसक गया है. हालांकि, भारत-बांग्लादेश को सूती धागे का मुख्य आपूर्तिकर्ता बना हुआ है जो विपणन वर्ष 2024-2025 में बांग्लादेश के कुल आयात का 82% हिस्सा होगा. इस रिपोर्ट में बांग्लादेश के सत्ता परिवर्तन का भी जिक्र है.
ब्राजील बना सबसे बड़ा कपास सप्लायर दिसंबर में जारी अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केटिंग ईयर 2024-25 (अगस्त 2024-जुलाई 2025) में बांग्लादेश ने रिकॉर्ड 82.8 लाख बेल्स (Bales) कपास का आयात किया. इसमें ब्राजील ने 19 लाख बेल्स की आपूर्ति करते हुए बाजार में 25% की हिस्सेदारी हासिल की. वहीं, भारत 14 लाख बेल्स के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया, जिसकी हिस्सेदारी 15% रही. पिछले मार्केटिंग ईयर में भारत 17.9 लाख बेल्स और 23% की हिस्सेदारी के साथ टॉप पर था. रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024/25 में कुल कपास आयात वित्तीय वर्ष 2023/24 में आयातित 7.8 मिलियन बेल्स की तुलना में 5.2% ज्यादा है.
क्या है भारत से खरीद कम होने की वजह द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक,'बांग्लादेशी आयातकों ने ज्यादा कीमतों और कुछ गुणवत्ता संबंधी समस्याओं के बावजूद, मुख्य रूप से कोलकाता और बेनापोल बंदरगाहों के जरिए कम समय में भारतीय कपास खरीदा.' अन्य प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में संयुक्त राज्य (7% हिस्सेदारी), ऑस्ट्रेलिया और कई पश्चिम अफ्रीकी देश शामिल हैं, लेकिन कोई भी ब्राजील के नए आपूर्ति मात्रा के करीब नहीं है.
रिपोर्ट में सत्ता परिवर्तन का भी जिक्र USDA रिपोर्ट में बांग्लादेश में राजनीतिक शासन परिवर्तन का भी उल्लेख किया गया है. शेख हसीना सरकार के विरोध में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अगस्त 2024 में अंतरिम सरकार बनी. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में नई अंतरिम सरकार बनने के बाद रेडीमेड गारमेंट (RMG) उत्पादन में शुरुआती बाधाओं के बावजूद, कपास का आयात मई 2025 में कपास का आयात स्थिर बना रहा. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-अगस्त के आंदोलन में 1,400 लोगों के मारे गए थे.
GDP में 10% का योगदान बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट (RMG) सेक्टर का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है. रॉयटर्स की जुलाई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, ये सेक्टर बांग्लादेश की कुल निर्यात कमाई (Export Earnings) के 80% से अधिक के लिए जिम्मेदार है और उसके वार्षिक जीडीपी (GDP) में लगभग 10% का योगदान देता है. चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तैयार वस्त्र निर्यातक (Exporter) है. ये क्षेत्र 40 लाख लोगों को रोजगार देता है. वहीं, कच्चे कपास में दबदबा खो देने के बावजूद, भारत बांग्लादेश के टेक्सटाइल सेक्टर में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है. मार्केटिंग ईयर 2024-25 में भारत बांग्लादेश को सूती धागे (Cotton Yarn) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जिसकी हिस्सेदारी 82% है. इसके बाद चीन 7.5% के साथ दूसरे स्थान पर है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपनी विस्तृत कताई क्षमता (Spinning Capacity), तेज डिलीवरी मार्गों और कम लॉजिस्टिक्स लागत के कारण ये शीर्ष स्थान बरकरार रखे हुए है.

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